राज्यसभा (Rajya Sabha) में पेपर लीक (Paper Leak) से जुड़े पब्लिक एग्जामिनेशन अनफेयर मीन्स की रोकथाम संशोधन विधेयक (Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill) पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष और नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) के एक बयान को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। विवाद बढ़ने पर सभापति सी.पी. राधाकृष्णन (C. P. Radhakrishnan) ने विवादित टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया।
शिक्षा संस्थानों और मनुस्मृति का किया जिक्र
विधेयक पर चर्चा के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शिक्षा संस्थानों में कथित भूमिका पर बोल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों में “मनुस्मृति को मानने वाले लोग बढ़ गए हैं” और इसके कारण शूद्रों के पढ़ने के अधिकार जैसी सोच को बढ़ावा मिलता है।
खड़गे के इस बयान पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई और सदन में हंगामा शुरू हो गया।
जेपी नड्डा ने मांगा सबूत
भाजपा (BJP) अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने खड़गे के बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह टिप्पणी तथ्यों पर आधारित नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि खड़गे के पास अपने आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण है तो वे सदन के सामने रखें। नड्डा ने यह भी कहा कि इस तरह के बयान समाज में भ्रम और अशांति पैदा कर सकते हैं।
सभापति ने रिकॉर्ड से हटाया बयान
दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विवाद के बाद राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे की विवादित टिप्पणी को सदन की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा।




