मैहर कलेक्टर का बड़ा नवाचार: अब मिलेगी NEET और JEE की निःशुल्क कोचिंग, ‘एलेन’ संस्था करेगी सहयोग

Major innovation by the Maihar Collector

मैहर: मैहर जिले के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए डॉक्टर और इंजीनियर बनने की राह अब और आसान होने जा रही है। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने शिक्षा के क्षेत्र में एक अनूठी और अभिनव पहल करते हुए जिले के सरकारी स्कूलों की कक्षा 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाले मेधावी छात्रों के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) और संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) की निःशुल्क कोचिंग शुरू करने का निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण व आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के प्रतिभाशाली बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाना है।

11वीं कक्षा से ही शुरू होगी व्यवस्थित तैयारी

कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने बताया कि आमतौर पर छात्र 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की दिशा में कदम बढ़ाते हैं, जिससे उन्हें कम समय मिलता है। यदि विद्यार्थियों को 11वीं कक्षा से ही सही मार्गदर्शन और नियमित शिक्षण मिले, तो उनके चयन की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसी सोच के तहत हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्तर पर विज्ञान संकाय (भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित) के होनहार विद्यार्थियों को 11वीं से ही अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से तैयार किया जाएगा।

एलेन (ALLEN) का मिलेगा सहयोग, शिक्षकों को दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग

इस पूरी व्यवस्था को गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी बनाने के लिए देश की प्रतिष्ठित कोचिंग संस्था ‘एलेन’ (ALLEN) का सहयोग लिया जा रहा है। योजना के तहत:

  • शिक्षकों का प्रशिक्षण: जिले के उत्कृष्ट शिक्षकों का एक विशेष समूह (पूल) तैयार किया जाएगा, जिन्हें एलेन कोचिंग संस्थान द्वारा विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • स्टडी मटेरियल: एलेन द्वारा तैयार उत्कृष्ट अध्ययन सामग्री (Study Material) और टेक्स्ट बुक्स जिले के सभी हायर सेकेंडरी स्कूलों में उपलब्ध कराई जाएंगी।

20 से 30 प्रतिशत बच्चों को IIT और मेडिकल कॉलेजों में पहुँचाने का लक्ष्य

प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में मैहर जिले के कम से कम 20 से 30 प्रतिशत प्रतिभाशाली विद्यार्थी देश के शीर्ष IIT, NIT और प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश हासिल करें। कलेक्टर ने विश्वास जताया कि प्रशिक्षित शिक्षकों और उच्च स्तरीय पठन-पाठन सामग्री के संयोजन से जिले के सरकारी स्कूलों का शैक्षणिक स्तर एक नए मुकाम पर पहुंचेगा और विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान मिलेगी।

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