एमपी प्रमोशन। मध्य प्रदेश में 9 वर्षों से लंबित सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया 2026 में तेज हो गई है। सभी विभागों ने रिक्त पदों की गणना कर पदोन्नति की तैयारियां को अंतिम रूप दे रहे है। जिससे कोर्ट का आदेश मिलते ही पदोन्नति सूची को जारी किया जा सकें और वर्षो से पदोन्नति के इंतजार में बैठे एमपी के सरकारी कर्मचारी एवं अधिकारियों को उच्च पदों पर काम करने का मौका मिल सकें।
कोर्ट के आदेश का इंतजार
जो जानकारी आ रही है उसके अनुसार, हाई कोर्ट में ’लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025’ पर सुनवाई पूरी कर ली गई है। अब इंतजार है कोर्ट के आदेश का, क्योकि कोर्ट ने निर्णय सुरक्षित कर लिया है, ऐसी संभावना जताई जा रही है कि पदोन्नति पर कोर्ट का निणर्य अप्रैल 2026 में आ जाएगा और इसके बाद सभी विभागों में पदोन्नति शुरू हो जाएगी। जिससे प्रदेश भर के लाखों कर्मचारियों को लाभ मिलने वाला है।
जाने मुख्य बातें
9 साल का इंतजारः 2016 से रुकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया को मोहन यादव सरकार ने 2025 में मंजूरी दी।
नियम और आरक्षणः नई पदोन्नति नीति में वरिष्ठता के साथ योग्यता को आधार बनाया गया है, जिसमें 16 प्रतिशत एससी और 20प्रतिशत एसटी आरक्षण का प्रावधान है।
इन्हे लाभः एमपी के लगभग 4 से 5 लाख कर्मचारी इस प्रक्रिया से लाभान्वित होंगे।
रिक्त पदः इस प्रक्रिया के बाद लगभग 2 लाख पद खाली होने की संभावना है, जिस पर नई भर्तियां हो सकती हैं।
विभागीय तैयारीः सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश पर सभी विभागों ने संवर्गवार रिक्त पदों की गणना कर ली है, हालांकि, इन नियमों को लेकर हाई कोर्ट में याचिकाएं भी दायर की गई हैं, जिस पर कानूनी कार्यवाही जारी है, लेकिन सरकार ने प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कदम उठाए हैं।
