MP Fire Safety Act 2026: मध्य प्रदेश विधानसभा ने नया Fire Safety & Emergency Services Act पारित कर दिया है, जिसके तहत अब बिना Fire NOC के किसी भी भवन का उपयोग करने पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा तथा फायर सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा।
MP Fire Safety Act 2026: मध्य प्रदेश विधानसभा ने Madhya Pradesh Fire Safety & Emergency Services Bill पारित कर दिया है। नए कानून के जरिए आगजनी की घटनाओं को रोकने और आपात स्थिति में बचाव कार्य को अधिक प्रभावी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।नया ढांचा और संस्थागत व्यवस्था विधेयक के तहत प्रदेश में Integrated Fire Safety & Emergency Services का गठन किया जाएगा। इसके संचालन के लिए अलग Fire Safety Directorate स्थापित होगा। सरकार जरूरत अनुसार आधुनिक फायर स्टेशन और फील्ड यूनिट भी बनाएगी।
अनिवार्य फायर एनओसी
अब किसी भी भवन के निर्माण से पहले Fire Plan की मंजूरी और Fire NOC (No Objection Certificate) लेना अनिवार्य होगा। बिना फायर एनओसी के किसी भवन को Occupancy Certificate नहीं मिल सकेगा। सरकार निजी विशेषज्ञ एजेंसियों को भी लाइसेंस देगी, जो फायर ऑडिट और थर्ड पार्टी सर्टिफिकेशन का काम कर सकेंगी।
साझा व्यवस्था और पानी का अधिकार
एक ही परिसर में कई व्यावसायिक भवनों के लिए Shared Fire Safety System की अनुमति दी गई है, जिससे निर्माण लागत कम होगी। आपात स्थिति में फायर दल को किसी भी सरकारी या निजी जल स्रोत से बिना शुल्क पानी लेने का अधिकार होगा।
उल्लंघन पर सख्त सजा
नए कानून में फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना का प्रावधान किया गया है। बिना अनुमति भवन चलाने या सील तोड़ने पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। अफवाह फैलाने पर 20 हजार रुपये और सामान्य उल्लंघन पर 50 हजार रुपये तक की सजा का प्रावधान है। ड्यूटी में लापरवाही करने वाले फायरकर्मियों पर तीन महीने तक की जेल या वेतन कटौती भी हो सकेगी।




