Lucknow Institute Fire : बायोमेट्रिक गेट बना काल! अंदर आग और ऑटोमैटिक लॉक हो गया गेट… धुएं में घुटकर 15 छात्रों की मौत, आखिर कौन हैं जिम्मेदार वीरेंद्र शुक्ला?

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Lucknow Institute Fire : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार दोपहर को अलीगंज में स्थित पुरनिया क्षेत्र में एक व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 12 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल हैं। घटना के समय मौके पर डिप्टी सीएम, डीजीपी और ACS होम मौजूद थे। राहत और बचाव कार्य तेजी से कराया गया, जिसमें दमकल विभाग की 14 से अधिक गाड़ियां, हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और रेस्क्यू टीमें लगी। मगर प्रत्यक्षद्रशियों का कहना है कि दमकल की गाड़ियां 45 मिनट की देरी से पहुंची।

कुछ कूदे कुछ बाथरूम में फंसे, दम घुटकर हुई मौत 

बिल्डिंग में लगी आग इतनी भयावह थी कि तत्काल आसपास के लोगों में चीख-पुकार मच गई और मदद के लिए लोग अपने घरों से बाहर निकले। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग तेजी से फैलने के कारण छात्र-छात्राओं को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिला। 

बताया गया कि इमारत का छत की ओर जाने वाला रास्ता बंद था, जिससे कई लोग फंस गए। कुछ छात्र छज्जे के किनारे लटके बिजली के केबल के सहारे नीचे उतर कर आ गए और एक छात्र छज्जे से सीधे नीचे कूद गया जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी में चोट आई है। वहीं कुछ बच्चे खुद की जान बचाने के लिए बाथरूम में चले गए। घने धुएं में दम घुटने के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई। इस हादसे में कुल 15 लोगों की मौत हुई है, जिनमें तीन महिलाएं और 12 पुरुष हैं। मृतकों में सुखमणि का नाम भी शामिल है, जिसकी पहचान हो चुकी है। 

आग लगने से ऑटोमैटिक लॉक हो गया था गेट 

जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब बिल्डिंग में गेमिंग इंडस्ट्री से जुड़े सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जा रही थी, साथ ही एनिमेशन स्टूडियो भी संचालित हो रहा था। आग लगते ही बिल्डिंग में अफरा-तफरी मच गई। ऑफिस का गेट थंब इम्प्रेशन से खुलता था, लेकिन आग लगने के कारण गेट ऑटोमैटिक लॉक हो गया। इस कारण इस घटना ने हादसे का बड़ा रूप ले लिया। इसके चलते कई लोग अंदर फंस गए और धुएं में दम घुटने से मौत हो गई। हादसे के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जो भयावह स्थिति को दिखाते हैं। 

सीएम योगी ने घायलों का हाल जाना 

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी का दौरा किया और घायलों से मिलकर उनका हाल जाना। साथ ही पीड़ितों घाघलों को 5-5 लाख रुपए की,आर्थिक सहायता राशि देने का एलान किया। KGMU के डॉक्टर प्रेमराज ने बताया कि अस्पताल लाए गए करीब 21 से 22 लोगों में से 15 की मौत हो चुकी है। घायलों में से कुछ गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है। 

वीरेंद्र शुक्ला के नाम पर है बिल्डिंग 

यह बिल्डिंग वीरेंद्र शुक्ला के नाम पर है और उसका नक्शा सुरेंद्र और धीरेंद्र शुक्ला के नाम पास है। वीरेंद्र शुक्ला सीतापुर में स्थित रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के मालिक हैं। प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। 

प्रशासन ने इस घटना के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत दिया है। जांच एजेंसियां अभी दोषियों की पहचान कर रही हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अवैध निर्माण की जांच शुरू कर दी है। पता चला है कि यह बिल्डिंग बिना अनुमति और नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई थी। नियमों की अनदेखी कर बेसमेंट और मंजिलें बनाई गई थीं, और शपथ पत्र का उल्लंघन हुआ था। 

बिल्डिंग मालिक समेत तीन गिरफ्तार

अलीगंज थाने में इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया हैगिरफ्तार आरोपियों में बिल्डिंग मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और एनीमेशन कोचिंग सेंटर संचालक तुषार कृष्णा जायसवाल शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

एलडीए के अधिकारियों पर सवाल उठ रहे हैं कि क्यों इस अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। नगर आयुक्त ने बताया कि पेट क्लीनिक में मानकों का उल्लंघन हुआ है। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कोचिंग संस्थानों और कमर्शियल सेंटर की सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन नहीं किया गया। कई प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। 

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