लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब उस इमारत को गिराने का फैसला लिया गया है, जिसमें आग लगने से 15 लोगों की जान चली गई थी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने जांच के बाद भवन को नियमों के खिलाफ बना हुआ मानते हुए उसके ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया है।
एलडीए की जांच में सामने आया कि इमारत का निर्माण स्वीकृत नक्शे के मुताबिक नहीं किया गया था। इसके अलावा एसआईटी की जांच में भी कई गंभीर लापरवाहियां सामने आईं। रिपोर्ट के अनुसार, जहां फायर एग्जिट होना चाहिए था, वहां लिफ्ट बना दी गई थी। साथ ही तय सीमा से ज्यादा बिजली का लोड लिया गया था और आग से बचाव के जरूरी इंतजाम भी पूरे नहीं थे।
एलडीए ने भवन मालिक को 15 दिन का समय दिया है। इस दौरान अगर वह खुद इमारत नहीं गिराता है, तो प्राधिकरण अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा। इमारत तोड़ने का पूरा खर्च भी भवन मालिक से ही वसूला जाएगा।
गौरतलब है कि 22 जून 2026 को अलीगंज के इस भवन में भीषण आग लग गई थी। आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोग अंदर ही फंस गए। दमकल और राहत-बचाव टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी थी।
इस हादसे के बाद गठित एसआईटी और एलडीए की जांच में भवन निर्माण और सुरक्षा मानकों में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अब इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर इमारत को गिराने का फैसला लिया गया है।




