Jharkhand Student Protest: झारखंड में छात्रों पर दर्ज FIR और भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग को लेकर BJP 8 से 11 सितंबर तक सभी 24 जिलों में DC और SP कार्यालयों का घेराव करेगी। पढ़ें पूरा शेड्यूल।

Jharkhand Student Protest

Jharkhand Student Protest: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं और इसके खिलाफ आंदोलन कर रहे निर्दोष छात्रों पर दर्ज हुई FIR के मुद्दे पर सूबे की राजनीति गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य सरकार को दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम की अवधि समाप्त होने के बाद अब पूरे प्रदेश में एक व्यापक आंदोलन का ऐलान कर दिया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने प्रेस वार्ता के दौरान घोषणा की कि पार्टी 8 सितंबर से 11 सितंबर तक झारखंड के सभी 24 जिलों में उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालयों का घेराव करेगी। भाजपा का स्पष्ट रुख है कि जब तक युवाओं पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाते और भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच शुरू नहीं होती, तब तक यह लड़ाई सड़कों पर जारी रहेगी।

क्या है पूरा विवाद?

झारखंड में पिछले कुछ वर्षों के दौरान JPSC और JSSC द्वारा आयोजित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, पेपर लीक और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगातार लगते रहे हैं। इन गड़बड़ियों के खिलाफ राज्य के हजारों युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया था।

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आंदोलन को दबाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा लगभग 1000 छात्रों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इसके अतिरिक्त पुलिस द्वारा देर रात छात्रों के आवासों पर दबिश देने और कोचिंग संस्थाओं के संचालकों पर दबाव बनाने के गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। भाजपा का मानना है कि अपनी नाकामी छिपाने के लिए राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।

BJP का चरणबद्ध आंदोलन: 8 से 11 सितंबर तक का पूरा शेड्यूल

आदित्य साहू के अनुसार, आंदोलन को सुचारू और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिदिन 6 जिलों में प्रदर्शन और घेराव कार्यक्रम निर्धारित किया गया है:

8 सितंबर (पहला चरण)

  • रांची
  • दुमका
  • हजारीबाग
  • गिरिडीह
  • जमशेदपुर
  • गढ़वा

9 सितंबर (दूसरा चरण)

  • कोडरमा
  • साहिबगंज
  • बोकारो
  • पलामू
  • सिमडेगा
  • चाईबासा

10 सितंबर (तीसरा चरण)

  • सरायकेला
  • पाकुड़
  • धनबाद
  • गुमला
  • लातेहार
  • चतरा

11 सितंबर (चौथा चरण)

  • रामगढ़
  • देवघर
  • लोहरदगा
  • खूंटी
  • गोड्डा
  • जामताड़ा

आदित्य साहू का हेमंत सरकार और सत्ताधारी गठबंधन पर तीखा हमला

प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि राज्य के युवाओं ने अनुशासित रहकर अपनी मांगों को सामने रखा, इसके बावजूद सरकार का रवैया दमनकारी बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल (झामुमो, कांग्रेस और राजद) राज्य के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।

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भाजपा की दो प्रमुख मांगे हैं:

  1. छात्रों पर दर्ज सभी झूठे मुकदमे और FIR तुरंत निष्शर्त वापस लिए जाएं।
  2. पिछले 7 वर्षों में आयोजित हुई सभी प्रमुख भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष CBI जांच कराई जाए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1: भाजपा 8 से 11 सितंबर तक क्या कार्यक्रम आयोजित कर रही है? Ans: भाजपा झारखंड के सभी 24 जिलों में चरणबद्ध तरीके से DC और SP कार्यालयों का घेराव करेगी। प्रतिदिन 6 जिलों में यह प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा ताकि छात्रों पर दर्ज FIR और भर्ती धांधली के खिलाफ विरोध जताया जा सके।

Q2: झारखंड के छात्रों और भाजपा की मुख्य मांग क्या है? Ans: मुख्य मांग आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज FIR को तुरंत रद्द करना और पिछले 7 वर्षों में हुई सभी सरकारी भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष CBI जांच कराना है।

Q3: DC-SP घेराव आंदोलन का नेतृत्व कौन कर रहा है? Ans: इस आंदोलन की रूपरेखा और घोषणा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने रांची में आयोजित प्रदेश कार्यालय की प्रेस वार्ता के दौरान की है।

Q4: कितने जिलों में और किस क्रम में यह घेराव होगा? Ans: यह घेराव राज्य के सभी 24 जिलों में 8 से 11 सितंबर के बीच 4 दिनों में पूरा होगा। पहले दिन रांची, दुमका, हजारीबाग, गिरिडीह, जमशेदपुर और गढ़वा में घेराव तय किया गया है।

Q5: छात्रों पर FIR दर्ज होने का मुख्य कारण क्या था? Ans: JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों के विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन किया था। इसके बाद प्रशासन द्वारा लगभग 1000 प्रदर्शनकारी छात्रों पर मुकदमे दर्ज कर दिए गए।

निष्कर्ष

झारखंड में छात्रों का आंदोलन अब एक बड़े राजनीतिक मोड़ पर पहुँच चुका है। युवाओं के समर्थन में उतरी भारतीय जनता पार्टी का यह 4 दिवसीय DC-SP कार्यालय घेराव अभियान राज्य सरकार पर प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव बढ़ाएगा। युवाओं के रोजगार और परीक्षाओं की पारदर्शिता का मुद्दा आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति का मुख्य केंद्र बने रहने की पूरी संभावना है।

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