जम्मू-कश्मीर। सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी पायल अब्दुल्ला के बीच वैवाहिक संबंध समाप्त करते हुए आपसी सहमति से तलाक को मंजूरी दे दी है। शीर्ष अदालत ने दोनों पक्षों के बीच सभी विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान और आपसी सहमति के आधार पर मामले का निपटारा किया है।
32 साल पुरानी जोड़ी, अब हुई अलग
मीडिया खबरों के तहत उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी पायल वर्ष 2009 से अलग रह रहे थें। इस जोड़े की 32 साल पुरानी शादी अब कानूनी रूप से समाप्त हो गई है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और आलोक अराधे की पीठ ने उमर अब्दुल्ला की अपील का निपटारा कर दिया।
1990 में पायल और उमर की शुरू हुई थी लव स्टोरी
राजनीति में कदम रखने से पहले उमर अब्दुल्ला दिल्ली के प्रसिद्ध ओबेरॉय होटल ग्रुप में एक मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव के रूप में काम करते थे। यहीं पर उमर अब्दुल्ला की मुलाकात 1990-91 के बीच पायल से हुई थी। पायल नाथ भी उसी होटल में कार्यरत थीं। यहीं पर दोनों की पहली मुलाकात हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। 1 सितंबर 1994 को दोनों आधिकारिक तौर पर शादी के बंधन में बंध गए। शादी के बाद उनके दो बेटे हुए। इनके नाम जहीर और जमीर है।
सिख परिवार से है पायल
पायल नाथ दिल्ली की रहने वाली एक सिख परिवार से थीं। उनके पिता रामनाथ भारतीय सेना में मेजर जनरल रह चुके थे। दोनों अलग-अलग धर्मों (मुस्लिम और सिख) से ताल्लुक रखते थे। शुरुआत में परिवारों में थोड़ी हिचकिचाहट थी और कश्मीरी पंडितों के एक वर्ग ने भी इस अंतर-धार्मिक रिश्ते का विरोध किया था, लेकिन दोनों अपने फैसले पर अडिग रहे।
शादी के बाद उमर ने शुरू की थी राजनीति
शादी के बाद 1998 में उमर अब्दुल्ला ने राजनीति की शुरूआत किए थें। उमर के राजनीतिक उतार-चढ़ाव के दौरान पायल ने दिल्ली और जम्मू-कश्मीर दोनों जगह उनका भरपूर साथ दिया। जब उमर जम्मू-कश्मीर के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने, तब पायल को राज्य की सबसे चर्चित और ग्लैमरस फर्स्ट लेडी के रूप में देखा जाता था। साल 2009 के बाद से दोनों के वैवाहिक जीवन में कड़वाहट आने लगी और वे अलग रहने लगे। उमर अब्दुल्ला श्रीनगर में रहने लगे जबकि पायल अपने दोनों बेटों के साथ दिल्ली में ही रहीं।



