Jabalpur Cruise Accident : मध्य प्रदेश के जबलपुर के बरगी डैम में तेज आंधी तूफान के चलते एक पर्यटन क्रूज डूब गया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, और 18 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। अभी भी कुछ लोग लापता हैं। इस हादसे के बाद कई सवाल उठ रहें हैं। यह हादसा सुरक्षा की अनदेखी या फिर लापरवाही का नतीजा है। पर्यटकों ने आरोप लगाए हैं कि क्रूज में सवार यात्रियों के पास लाइफ जैकेट मौजूद नहीं थे। ऐसे में सुरक्षा की कमी और लापरवाही देखी जा रही है।
मौत बनकर आई आंधी ने क्रूज को डुबो दिया
जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार शाम को नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में हुई। क्रूज में लगभग 40 से 45 पर्यटक सवार थे, जो तेज हवा और बारिश के बीच डूब गया। घटना डैम के किनारे से लगभग 300 मीटर अंदर हुई। मौसम की खराबी और तेज हवाओं के कारण यह हादसा हुआ। सेना और एसडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू में लगी हैं।
आज फिर से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया
बरगी सिटी के पुलिस अधीक्षक अंजुल मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक रेस्क्यू में कई लोगों को बचाया गया है, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम राहत कार्य में बाधा बन रहा है। शुक्रवार सुबह फिर से रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया है। भारतीय सेना की टीम भी राहत कार्य में शामिल हो गई है, वहीं हैदराबाद से विशेष टीम और हेलीकॉप्टर को भी मौके के लिए रवाना किया गया है। कोलकाता से पैरामिलिट्री फोर्स भी पहुंच चुकी है। हाइड्रोलिक मशीनों की मदद से फंसे हुए लोगों को निकालने का प्रयास जारी है।
जांच में दावा- 20 फीट गहरे पानी में फंस गया था क्रूज
घटना स्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, क्रूज करीब 20 फीट गहरे पानी में फंस गया था। जेसीबी और नाव की मदद से इसे लगभग 30 मीटर तक खींचा गया, लेकिन उसके बाद आगे नहीं बढ़ पाया। अब भारी मशीनों से इसे बाहर निकालने का काम चल रहा है। क्रूज चालक महेश का कहना है कि वह 10 साल से इस क्षेत्र में काम कर रहा है और सभी सुरक्षा उपकरण मौजूद थे, लेकिन तूफान इतनी तेज़ थी कि यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने का मौका ही नहीं मिला।
4 साल पहले भोपाल में भी हुआ था ऐसा हादसा
जबलपुर के बरगी बांध में इस घटना ने मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना चार साल पहले भोपाल में हुई एक त्रासद घटना की याद दिलाती है, जब सुरक्षा में लापरवाही का परिणाम जानलेवा हुआ था। नर्मदा नदी पर एक क्रूज यात्रा के दौरान यह हादसा हुआ, जिसमें दर्जनों पर्यटक पानी में डूब गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इस घटना ने सुरक्षा नियमों की अनदेखी और व्यवस्थाओं में भारी कमी को उजागर कर दिया है। जीवित बचे पर्यटकों का कहना है कि हादसे के बाद उन्हें लाइफ जैकेट दी गई थी।
भोपाल की घटना से भी नहीं ली सीख
भोपाल वाली घटना से कोई सीख नहीं ली गई। इस दुर्घटना ने बार-बार चेतावनी दिए जाने के बाद भी सुरक्षा उपायों में सुधार न होने की चिंताओं को फिर से जगा दिया है। 2022 में भोपाल की ऊपरी झील में तेज हवाओं के कारण क्रूज का कुछ हिस्सा डूब गया था, जिसमें कई लोग घबराकर बाहर निकलने में सफल हो गए थे। उसके बाद, पर्यटन विभाग ने पूरे राज्य में सुधार का वादा किया था, जिसमें लाइफ जैकेट को अनिवार्य बनाना, मजबूत रेलिंग लगाना और जहाजों का सख्त निरीक्षण करना शामिल था।
हादसे में बचने वाली पर्यटक ने कहा- कोई लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी
बचने वाली पर्यटक प्रिया शर्मा ने कहा, “पर्यटकों को नाव पर इस तरह से भरा गया था कि किसी भी तरफ से कोई लाइफ जैकेट नजर नहीं आ रही थी। बच्चे स्वतंत्र रूप से इधर-उधर भाग रहे थे और नाव की रेलिंग इतनी नीची थी कि कोई भी आसानी से उससे पार कर सकता था।”
पर्यटक अशोक सक्सेना ने पूछा, “ऐसी कितनी और घटनाएं होंगी, जब तक कार्रवाई होगी?” उन्होंने कहा कि पिछली घटनाओं और बार-बार दिए गए आश्वासन के बावजूद जमीन पर कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है।




