Jabalpur Bal Vivah Case: जबलपुर में 15 साल की नाबालिग के मां बनने से हड़कंप मच गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने रिकॉर्ड खंगाले और पुलिस को सूचना देकर बाल विवाह की पोल खोल दी। नाबालिग प्रसूता के बयान पर उसके मां-बाप, पति, ससुर, मामा और नानी सास जेल पहुंच गए।
Jabalpur Bal Vivah Case: मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक सरकारी अस्पताल में प्रसव के दौरान डॉक्टरों को नाबालिग मां का मामला संदिग्ध लगा। फाइल जांचने पर पता चला कि प्रसूता की उम्र महज 15 साल है। अस्पताल ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पीड़िता के बयानों से 13 साल की उम्र में बाल विवाह का खुलासा हुआ। पुलिस ने मायके और ससुराल पक्ष के लोगों को आरोपी बनाकर जेल भेज दिया।
13 साल की उम्र में हुआ था विवाह
जबलपुर के शासकीय मेडिकल अस्पताल में कुछ दिन पहले 15 वर्षीय नाबालिग ने बच्चे को जन्म दिया। रिकॉर्ड्स की जांच में सामने आया कि उसका विवाह दो साल पहले, यानी करीब 13 साल की उम्र में हुआ था। अस्पताल प्रबंधन ने यह गंभीर जानकारी मझौली पुलिस को दी। पुलिस जांच में बाल विवाह और यौन शोषण की पुष्टि हुई।
जेल भेजे गए आरोपी
पीड़िता के बयानों से पता चला कि विवाह दो साल पहले नाहर देवी मंदिर में हुआ था। पुलिस ने सबसे सख्त कार्रवाई करते हुए पीड़िता के माता-पिता को भी आरोपी बनाया, क्योंकि उन्होंने नाबालिग बेटी की शादी कराई। इसके अलावा पति, मामा ससुर और नानी सास को गिरफ्तार किया गया। कुल पांच आरोपी बाल विवाह अधिनियम और POCSO एक्ट के तहत जेल भेजे गए।
नाबालिग से विवाह और शारीरिक संबंध मतलब कानूनन बलात्कार
विवाह कटंगी थाना क्षेत्र में हुआ था, इसलिए मझौली पुलिस ने जीरो FIR दर्ज कर केस कटंगी पुलिस को सौंपा। जांच में स्पष्ट हुआ कि नाबालिग से विवाह और शारीरिक संबंध कानूनन बलात्कार ही माना जाएगा। मामा ससुर और नानी सास पर भी शोषण को अनदेखा करने व सहयोग के आरोप लगे। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया।
जांच में जुटा महिला एवं बाल विकास विभाग
मामला सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग गांव व समाज में बाल विवाह को बढ़ावा देने वालों की जांच कर रहा है। दोषियों पर आगे कड़ी कार्रवाई होगी। यह घटना बाल विवाह की गंभीर सामाजिक समस्या को उजागर करती है।
