BJP MLA Preetam Singh Lodhi: आईपीएस अधिकारी को कथित धमकी देने के मामले में घिरे भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने पहली बार अपनी सफाई देते हुए कहा कि पार्टी जांच पूरी करने के बाद जो भी फैसला लेगी, उसे वह पूरी तरह मंजूर करेंगे। (BJP MLA) ने जोर देकर कहा कि अगर पार्टी उन्हें बाहर भी निकाल देती है तो वह इसे भी स्वीकार करेंगे, क्योंकि वे खुद को पूरी तरह सही मानते हैं और सांच को आंच नहीं लगती।
BJP MLA Preetam Singh Lodhi: विवादों में घिरे भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी गुरुवार को भोपाल पहुंच गए। (BJP MLA) शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा सीट से विधायक लोधी पर IPS अधिकारी को धमकी देने के आरोप लगे हैं, जिसके बाद पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। मीडिया से बातचीत में प्रीतम सिंह लोधी ने कहा कि उन्हें नोटिस की सूचना मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से मिली। उन्होंने बताया, “पार्टी ने बुलाया तो मैं आ गया हूं। अगर नोटिस का जवाब मौखिक रूप से मांगेंगे तो मौखिक दूंगा, लिखित मांगेंगे तो लिखित जवाब दूंगा।”
विधायक ने आगे कहा कि पार्टी पहले जांच कर ले, जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसे वह पूरी तरह स्वीकार करेंगे। लोधी ने कहा, “अगर पार्टी मुझे बाहर भी निकाल दे तो वह भी मुझे मंजूर है। मैं सही हूं और सांच को आंच नहीं लगती।”
IPS एसोसिएशन की निंदा और कार्रवाई की मांग
बता दें कि 16 अप्रैल को विधायक के बेटे की Thar गाड़ी ने पांच लोगों को टक्कर मार दी थी। इस मामले की जांच करैरा (Karera) के SDOP आयुष जाखड़ कर रहे थे। जांच के दौरान कार्रवाई करने पर IPS अधिकारी को धमकी दिए जाने के आरोप लगे, जिसके बाद प्रीतम सिंह लोधी विवादों में घिर गए। IPS Association ने इस बयान की कड़ी निंदा की और तुरंत कार्रवाई की मांग की थी। वहीं, कर्मचारी एसोसिएशन ने भी विधायक के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग की। इन सभी घटनाक्रमों के बाद BJP Organization ने मामले को गंभीरता से लिया और लोधी को तीन दिन के अंदर जवाब देने का नोटिस जारी किया।
सभी की नजर BJP की अगली कार्रवाई पर
विपक्षी दलों ने भी इस मामले में प्रीतम सिंह लोधी पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। अब पूरे प्रदेश की नजर भाजपा संगठन की अगली पहल पर टिकी हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो जाएगा कि पार्टी विधायक के खिलाफ क्या रुख अपनाती है। इस पूरे विवाद (Controversy) का मध्य प्रदेश की राजनीति पर कितना असर पड़ता है, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल विधायक लोधी पार्टी के नोटिस का लिखित या मौखिक जवाब देकर अपना पक्ष रखने की तैयारी में हैं।
