रीवा में अंतर्राज्यीय चंदन चोर गिरोह का पर्दाफाश, 5.70 लाख की लकड़ी के साथ चार गिरफ्तार

Interstate sandalwood theft gang busted in Rewa

रीवा: शहर में लगातार बढ़ती चंदन के पेड़ों की चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाते हुए अमहिया थाना पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से तीन आरोपी मंडला जिले के और एक दमोह जिले का रहने वाला है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 57 किलोग्राम चंदन की लकड़ी बरामद की है, जिसकी बाजार में कुल कीमत करीब 5 लाख 70 हजार रुपये आंकी गई है।

सिविल लाइन इलाके में हुई थी वारदात

यह पूरा मामला तब खुला जब रीवा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में चंदन के पेड़ की चोरी की घटना सामने आई। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और तकनीकी साक्ष्यों व सीसीटीवी फुटेज की बारिकी से जांच की गई। सीसीटीवी फुटेज की मदद से ही अमहिया पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब रही और उन्हें धर दबोचा।

टेंट लगाकर करते थे रैकी, जमीन के नीचे छुपाते थे चोरी का माल

पुलिस की पूछताछ में इस अंतर्राज्यीय गिरोह के काम करने का हैरान करने वाला तरीका सामने आया है। आरोपी रीवा शहर में डेरा डालकर टेंट के भीतर रह रहे थे। ये शातिर चोर पहले शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमकर चंदन के पेड़ों की रैकी करते थे, फिर मौका पाकर पेड़ों को काट लेते थे। पुलिस और लोगों की पकड़ से बचने के लिए ये कटी हुई लकड़ी को जमीन के अंदर गाड़कर छुपा देते थे, और जब मामला ठंडा हो जाता था, तब उसे ठिकाने लगाते या बेचते थे।

अन्य चोरियों के खुलासे की उम्मीद

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मंडला जिले के देवरी निवासी जशरथ पारदी, तलकर आदिवासी और स्वागत पारस शामिल हैं, जबकि चौथा आरोपी मंगरू पावर दमोह जिले के सागौनी का रहने वाला है। फिलहाल पुलिस चारों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान शहर में पहले हुई अन्य चंदन चोरियों के मामलों का भी खुलासा हो सकता है।

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