छत्तीसगढ। बारिश भले ही अपनी विदाई की बेला में हो, लेकिन आखिरी समय में बंगाल से उठे चक्रवात अर्नब से कई राज्य प्रभावित है। छत्तीसगढ़ में 53 साल पुराना रिकार्ड टूट गया। यहां की इन्द्रावती नदी का जलस्तर बढ़ जाने से पूरा क्षेत्र पानी-पानी हो गया। प्रशासन ने क्षेत्र राहत बचाव कार्य के रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया है। जल भराव के बीच फंसे लोगो को निकालने के लिए न सिर्फ नाव उतारी गई है बल्कि हेलिकॉप्टर की मदद से बाढ़ पीड़ितों को निकाल कर उन्हे राहत शिविरों में पहुचाया जा रहा है।
1973 के बाद ऐसी स्थित
छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से बस्तर की इंद्रावती नदी का जलस्तर 53 साल बाद 12.39 मीटर पहुंच गया। 9 जुलाई 1973 के 12.18 मीटर के पुराने रिकॉर्ड से 21 सेटीमीटर ज्यादा है। जगदलपुर में बाढ़ के कारण कई निचले इलाके पानी में डूब गए हैं।
833 लोगों का रेस्क्यू
बस्तर जिले से बहने वाली इंद्रावती नदी का पानी बढ़ने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। 833 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिले में 65 राहत शिविर बनाए गए हैं। इनमें 8,894 लोग रह रहे हैं। वही प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अपनी नजर बनाए हुए है। जिससे बाढ आपदा से प्रभावित लोगो को राहत पहुचाई जा सकें।




