नईदिल्ली। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौत का मामला देश भर में मध्य प्रदेश सरकार की किरकिरी करवा रहा है, तो वही यह मामला अब राज्यसभा में सोमवार को तब गूंजा जब संसद के बजट सत्र के दौरान राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने इंदौर के दूषित पानी मामले को उठाते हुए मंत्री से जबाब मागे है।
जहरीला पानी सरकार पिला रही है
सांसद सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि पानी सबसे गंभीर विषय है और जहरीला पानी सरकार पिला रही है, इसमें कोई दो राय नहीं है। तिवारी ने कहा कि इस विभाग में जितना करप्शन है, शायद किसी और विभाग में उतना करप्शन नहीं है। इसलिए इस पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि इसकी कार्ययोजना से अवगत कराएं।
सरकार बताए इंदौर में मृतकों की संख्या
राज्यसभा सांसद ने पूछा कि इंदौर में जहरीले पानी से अब तक कितने लोग मरे है। सरकार इसकी स्थिति को स्पष्ट करें। राज्य सभा सांसद यही तक नही रूके और कहा कि इस मामले में राज्य के मंत्री तो लड़खड़ा रहे हैं, कैबिनेट मंत्री इस मामले में अब जानकारी दें, मैं जानना चाहता हूं कि विश्व की मानवता से जुड़ा हुआ, हर इंसान से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सवाल है। क्या सदन को आश्वस्त करेंगे कि जो ग्राउंड वाटर है, उसकी क्वालिटी बेहतर करने के लिए क्या कार्ययोजना आपके पास है।
मौत का जिम्मेदार कौन
महाराष्ट्र से राज्यसभा सदस्य इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसलिए वे विभागीय मंत्री से पूछना चाहते हैं कि इन मौतों का जिम्मेदार किसको माना जा रहा है? क्या इसमें सिर्फ राज्य सरकार की जिम्मेदारी है? क्या जल शक्ति मंत्रालय ने इसमें संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से सवाल किया? क्या इस मामले में राज्य सरकार ने कोई रिपोर्ट प्रस्तुत की? इसकी जानकारी दी जाए।
