मानव का दिमाग आज भी विज्ञान के लिए कई सारे रहस्यों से भरा हुआ है इन्हीं सभी राशियों को समझने के लिए भारत के वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है। हमारे देश भारत केवैज्ञानिकों ने Brain Mapping के द्वारा दिमाग के सबसे जटिल हिस्से ब्रेनस्टॉर्म का विस्तृत 3D डिजिटल एटलस तैयार कर लिया है। जिससे भविष्य में कई सारी गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के इलाज और रिसर्च में मदद मिल सकती है।

Brain Mapping में भारत को मिली नई उपलब्धि
आईआईटी मद्रास की सुध गोपाल कृष्ण ब्रेन सेंटर के वैज्ञानिकों ने ANCHOR (Atlas of Neurochemical Characterization of the Human Brainstem with 3D Reconstruction) नाम का एक अत्याधुनिक 3D डिजिटल एटलस विकसित कर लियाहै। यह मानव ब्रेनस्टॉर्म का अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल नक्शा बताया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में हाई रेजोल्यूशन इमेजिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक कंप्यूटर तकनीक का भी उपयोग मिलेगा। यह उपलब्धि ब्रेन मैपिंग के क्षेत्र में भारत के लिए एक बड़ी प्रगति बताई जा रही है।
ये भी पढ़े: Sickle Cell Disease में क्यों बढ़ जाता है Pregnancy Risk? जानिए
ब्रेनस्टेम क्यों है इतना ज्यादा महत्वपूर्ण?
Brain Mapping के मैप में ब्रेनस्टॉर्म दिमाग का वह हिस्सा है जो शरीर की कई जरूरी प्रक्रियाओं को नियंत्रित कर सकता है। इसमें सांस लेना, दिल की धड़कन, रक्तचाप, निगलने की क्षमता और नींद से जागने का चक्र आदि भी शामिल होता है। अगर इस हिस्से में किसी भी तरह की समस्या आती है तो व्यक्ति के स्वास्थ्य पर काम भी असर देखने को मिलता है इसलिए वैज्ञानिक लंबे समय से इस पार्ट को बेहतर तरीके से समझने की कोशिश कर रहे हैं।
इस शोध से मरीजों को क्या फायदा हो पाएगा?
डॉक्टर के अनुसार नया 3D एटलस डॉक्टर रिसर्च करने वाले लोगों को ब्रेन स्टेम की संरचना को पहले से ज्यादा स्पष्ट तरीके से समझने में मदद करेगा। इससे अल्जाइमर पार्किंसन स्ट्रोक ब्रेन ट्यूमर और अन्य न्यूरोलॉजिकल बीमारियों की पहचान और इलाज में मदद हो पाएगी। भविष्य में ब्रेन से जुड़ी नई दवाइयां और बेहतर उपचार के विकास में भी यह तकनीक बहुत उपयोगी होगी।
AI और आधुनिक तकनीक की रही है अहम भूमिका
इस प्रोजेक्ट में वैज्ञानिकों ने हजारों हाई रेजोल्यूशन माइक्रोस्कोपिक फोटोस का विश्लेषण किया है इसके बाद आई और 3D रिकंस्ट्रक्शन तकनीक की मदद से ब्रेन स्टेम का विस्तृत डिजिटल मॉडल भी तैयार किया गया है। इससे कोशिकाओं नसों और उनके आपसी संबंधों का अध्ययन पहले की तुलना में काफी ज्यादा सटीक तरीके से होपाएगा।Brain Mapping इसलिए सबसे बड़ी उपलब्धि है।
ये भी पढ़े: WHO Cancer Report: दुनिया की 92% आबादी किसी न किसी रूप में प्रभावित…
भारत के लिए क्यों है यह उपलब्धि सबसे खास?
इस रिसर्च के होने से केवल वैज्ञानिकों को सफलता नहीं मिली है बल्कि हमें पता चलता है कि भारत अब न्यूरो साइंस के रिसर्च में विश्व लेवल पर मजबूत बनता जा रहा है। डॉक्टर के अनुसार आने वाले सालों में यह 3D ब्रायन एटलस दुनिया भर के वैज्ञानिक और डॉक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण रिसर्च टूल हो सकता है।




