India Israel Refueling Aircraft Deal: 8 हजार करोड़ में इजराइल से 6 नए एयरक्राफ्ट खरीदेगा भारत!

India Israel Refueling Aircraft Deal:भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) ने इजराइल एयरक्राफ्ट इंडस्ट्रीज (Israel Aircraft Industries – IAI) के साथ 8,000 करोड़ रुपये (India Israel 8000 Crore Deal) की डील साइन की है, जिसमें 6 नए रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट (Israel Refueling Aircraft) खरीदे जाएंगे। 28 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, यह डील भारतीय वायु सेना की क्षमता (IAF Capability) को और मजबूत करेगी। आइये जानते हैं इन विमानों की विशेषता क्या है, और यह भारत की रक्षा रणनीति (Defense Strategy) को कैसे प्रभावित करेगा?

भारत ने इजराइल से 6 रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट खरीदने का फैसला किया है, जिसकी लागत 8,000 करोड़ रुपये है। यह डील “मेक इन इंडिया” (Make in India) के तहत 30% तक लोकेलाइजेशन (Localization) के साथ होगी, जिसमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और अन्य भारतीय कंपनियां शामिल होंगी। यह विमान भारतीय वायु सेना की मौजूदा रूसी IL-78MKI (IL-78MKI) टैंकरों को रिप्लेस (Replace) करेंगे, जो 2003-04 में खरीदे गए थे।

विमान की विशेषता: क्या है खास?

  • लॉन्ग रेंज: ये विमान 10,000 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकते हैं, जो भारतीय वायु सेना को लंबी दूरी की मिशन करने में मदद करेगा।
  • हाई कैपेसिटी: इनकी फ्यूल कैपेसिटी 100,000 लीटर से अधिक है, जो एक साथ कई फाइटर जेट्स (Fighter Jets Refiling) को रिफ्यूल कर सकती है।
  • एडवांस्ड टेक्नोलॉजी: इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेटेड रिफ्यूलिंग सिस्टम (Automated Refueling System) लगे हैं, जो रिफ्यूलिंग प्रक्रिया को तेज और सुरक्षित बनाते हैं।
  • मल्टी-रोल कैपेबिलिटी: ये विमान न केवल रिफ्यूलिंग के लिए, बल्कि कार्गो ट्रांसपोर्ट और मेडिकल इवैक्युएशन के लिए भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। ये विशेषताएं भारतीय वायु सेना को चीन और पाकिस्तान (China and Pakistan) के खिलाफ लंबी दूरी के ऑपरेशंस में मदद करेंगी।

इस डील से भारतीय वायु सेना की रेंज और एंड्योरेंस बढ़ेगी, जिससे राफेल (Rafale) और सु-30 एमकेआई (Su-30 MKI) जैसे फाइटर जेट्स लंबी दूरी तक मिशन कर सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील भारत की “चीन प्लस वन” रणनीति को मजबूत करेगी, क्योंकि ये विमान चीन की सीमा तक पहुंचने में सक्षम होंगे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा, “यह डील भारतीय वायु सेना की ताकत को दोगुना करेगी।” वहीं, विपक्षी पार्टियों ने डील की लागत पर सवाल उठाए हैं, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों ने इसे “जरूरी निवेश” बताया।

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