बढ़ता Obesity शरीर को कैसे पहुंचाता है नुकसान? जाने डॉक्टर के द्वारा..

How does increasing obesity harm the body? Diabetologist explains its serious effects.

Obesity disadvantage: आजकल के भाग दौड़ वाली जिंदगी में अनियमित खान-पान और काम शारीरिक गतिविधि होने के कारण मोटापा तेजी से बढ़ता जा रहा है। डॉक्टर का कहना है कि ज्यादा वजन सिर्फ शरीर की बनावट को ही नहीं बदल देता बल्कि हृदय लीवर और जोड़ों सहित कई शरीर के अंगों पर इसका नेगेटिव असर भी पड़ता है। ऐसे में समय रहते इसे नियंत्रित करना बहुत जरूरी हो जाता है।

How does increasing obesity harm the body? Diabetologist explains its serious effects.

लोगों में Obesity क्यों बन रहा है बड़ी स्वास्थ्य की चुनौती

डॉक्टर के अनुसार मोटापा तब होता है जब शरीर में जरूर से ज्यादा फैट जमा होने लगता है लंबे समय तक असंतुलित आहार, जंक फूड का ज्यादातर सेवन नींद की कमी और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके मुख्य कारण बताए जाते हैं। डायबिटोलॉजिस्ट बताते हैं कि जब शरीर में ज्यादा चर्बी जमा हो जाती है तो यह मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करने लगती है इसका असर धीरे-धीरे शरीर के अंग पर पड़ता है और कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

ये भी पढ़े : स्प्रिंग सीजन में क्यों बढ़ जाती है Sensitive Skin की समस्या?

दिल और ब्लड प्रेशर पर पड़ सकता है इसका असर

डॉक्टर के अनुसार मोटापा का सबसे बड़ा असर हृदय की सेहत पर पड़ता है शरीर का वजन बढ़ने पर दिल को पूरे शरीर में खून पहुंचने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इस कारण हाई ब्लड प्रेशर और हृदय से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का रिस्क बढ़ सकता है लंबे समय तक वजन नियंत्रित न रहने पर यह स्थिति हृदय रोगों की वजह भी बन सकती है।

जोड़ों और घुटनों में दर्द की समस्या भी होती है

डॉक्टर के अनुसार मोटापा का सीधा दबाव शरीर के जोड़ों खास कर घुटनों पर पड़ता है शरीर का ज्यादा वजन घुटनों और रीड की हड्डी पर ज्यादा दबाव बना देता है। इसके कारण कई लोगों को चलने में दर्द, सूजन और फिर चलने फिरने में भी परेशानी होती है। समय के साथ यह समस्या अर्थराइटिस जैसे रोगों का खतरा भी बढ़ा सकती है।

इससे डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है

डॉक्टर के मुताबिक पेट के आसपास जमा होने वाली चर्बी शरीर में इंसुलिन के काम को प्रभावित करती है। इससे इन्सुलिन रेजिस्टेंस की स्थिति पैदा हो सकती है यही कारण है कि Obesity को टाइप टू डायबिटीज का एक बड़ा रिस्क बताया जाता है। डॉक्टर ऐसी सलाह देते हैं कि वजन को संतुलित रखना डायबिटीज के बचाव में मदद करता है।

ये भी पढ़े : Negative Thoughts से महिलाओं को इन बीमारियों का खतरा

लिवर पर भी पड़ सकता है इसका नकारात्मक प्रभाव

ऐसा डॉक्टर बताते हैं कि ज्यादा वजन होने से लीवर में फैट जमा होने लगता है इस स्थिति को नॉन अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज कहा जाता है। अगर समय रहते इसका ध्यान ना दिया जाए तो यह समस्या धीरे-धीरे आपकी लीवर की कार्य प्रणाली को प्रभावित कर सकती है इसलिए संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ-साथ सक्रिय जीवन शैली अपनाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *