वाराणासी। बनारस के ऐतिहासिक रामनगर की रामलीला में रविवार यानि 18 अक्टूबर 2026 को राम-रावण युद्ध के प्रसंग के मंचन से ठीक पहले एक हाथी अचानक बेकाबू हो गया। नाराज गजराज आसपास रखी चीजों को सूंड से उठाकर फेंकने लगे। बिजली के खंभे तोड़ दिए। दीवारें और दुकानें भी तोड़ दीं। यह देखकर आसपास मौजूद लोग जान बचाकर भागे। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
यह घटना रामनगर के पंचवटी मैदान में सुबह करीब 11 बजे हुई, जहां रामलीला में शामिल होने के लिए आजमगढ़ से हाथी लाया गया था। ज्ञात हो कि यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर में शामिल रामनगर की इस प्रसिद्ध विश्वव्यापी रामलीला में आज रावण वध का मुख्य प्रसंग होना है। इस घटना के बाद आयोजन से जुड़े लोग और प्रशासन मुस्तैदी से स्थिति को नियंत्रित करने में लगे हैं।
महावत पर हमला
जानकारी के तहत सुबह महावत खाना दे रहा था, इसी दौरान हाथी अचानक आक्रामक होकर अपने ही महावत को पटक दिया, पैरों से भी कुचलने की कोशिश की। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल महावत को तुरंत बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। हाथी के हमले से घायल महावत को 50 टांके लगे हैं।
2 किमी का दायरा सील
सुरक्षा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और पंचवटी मैदान की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बैरिकेडिंग करके करीब 2 किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया। आम जनता के आवागमन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है ताकि कोई भी हाथी के नजदीक न आ सके।
काबू करने के प्रयास
स्थानीय पुलिस और वन विभाग की टीमें गन्ने और अन्य खाने-पीने की सामग्री फेंककर हाथी को एक जगह रोकने और शांत करने की कोशिशों में जुटी हुई हैं। पुलिस ने 2 किमी. के इलाके को सील कर दिया है। आने-जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की है। पुलिस अधिकारी अनाउंस कर लोगों को इलाके से दूर रहने के लिए कह रहे हैं। वन विभाग और रेस्क्यू टीम समेत 200 लोग हाथी को काबू करने में जुटे हुए हैं। पूरे इलाके की बिजली काट दी गई है।
गोरखपुर से बुलाई गई स्पेशल टीम
चूंकि स्थानीय स्तर पर वन विभाग के पास हाथी को ट्रेंकुलाइज करने या नियंत्रित करने के विशेष उपकरण और दवाएं मौजूद नहीं थीं, इसलिए गोरखपुर से एक्सपर्ट्स की स्पेशल टीम बुलाई गई है। विशेषज्ञों की टीम के शाम तक पहुंचने की उम्मीद है। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास का इलाका पूरी तरह सील कर दिया गया है।
रामलीला का 200 साल पुराना है इतिहास
वाराणसी के रामनगर की रामलीला का इतिहास करीब 200 साल पुराना बताया जाता है। अपनी खास परंपराओं और अनूठे मंचन के लिए मशहूर इस रामलीला को देखने दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। रविवार को यहां रावण-राम युद्ध का मंचन होना है। शनिवार को रामलीला के 23वें दिन मंदोदरी, विभीषण और कुंभकरण ने रावण को समझाने की कोशिश की, लेकिन रावण पर कोई असर नहीं हुआ।




