IMF Indian Economy Ranking: अर्थव्यवस्था के मामले में अब भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं रह गया है। IMF Ranking में भारत का स्थान अब 4था नहीं 6वां हो गया है. भारत से ऊपर UK और Japan जैसे देश हो गए हैं जिन्हे रैंकिंग के मामले में पिछले साल ही भारत ने पछाड़ा था. हालांकि ग्लोबल रैंकिंग कम होने का मतलब ये नहीं है कि भारत की इकोनॉमी की रफ़्तार कम हो गई है. दुनिया के टॉप सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों में सबसे तेजी से भारत की इकोनॉमी बढ़ रही है और अंदाजा है कि साल 2031 तक भारत अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी वाला देश बन जाएगा।
क्यों गिरी रैंकिंग
Why Indian Economy Ranking Fell: भारत की रैंकिंग कमजोर होने का कारण आर्थिक कमजोरी कतई नहीं है, बल्कि रुपये की कमजोरी है. 2024 में रूपया 84 रुपए प्रति डॉलर था वहीं 2025 में यह 88 रुपए प्रति डॉलर हो गया. वैश्विक रैंकिंग डॉलर के हिसाब से तय होती हैं इसी लिए रुपए की गिरावट का असर इकोनॉमी की रैंकिंग में पड़ा. हालांकि हालांकि रुपये में देखें तो भारत की GDP 3.18 ट्रिलियन रुपये से बढ़कर 346.5 ट्रिलियन रुपये हो गई, यानी वास्तविक ग्रोथ मजबूत रही.
अभी भी दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था
अगर वास्तविक ग्रोथ (Real Growth) की बात करें तो भारत अभी भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है. भारत उन चुनिंदा बड़े देशों में शामिल है, जहां आने वाले वर्षों में 6% से ज्यादा की ग्रोथ लगातार बनी रहने की उम्मीद है.यह दिखाता है कि भारत की अर्थव्यवस्था अंदर से मजबूत है और खपत, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी बनी हुई है.
UK से सिर्फ 9 लाख करोड़ पीछे
दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी इकोनॉमी UK से भारत ज्यादा पीछे नहीं है, अंतर सिर्फ 9 लाख करोड़ रुपए है और जापान जो दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी है उससे भी लगभग 20 लाख करोड़ ही पीछे है. ये बहुत मामूली रकम है. भारत का असली कॉम्पिटिशन जर्मनी से है जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी है.
