HAL- GE Aerospace deal: भारत के ‘Tejas’ को मिलेगी नई उड़ान, 113 इंजन के बड़े करार पर साइन

HAL- GE Aerospace deal: भारत की सरकारी एयरोस्पेस Hindustan Aeronautics Limited (HAL) ने एक अमेरिकी कंपनी GE Aerospace के साथ 113 जेट इंजन के सप्लाई के लिए एक हिस्टोरिकल समझौता किया है। यह इंजन भारत के लिए स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस एम के 1A मैं लगाए जाएंगे या दिल भारत की रक्षा क्षमता और आत्मनिर्भर भारत मिशन दोनों के लिए मिल का पत्थर साबित होने वाला है।

क्या है इस HAL- GE Aerospace deal की खासियत

हालांकि यह F404-GE-IN20 इंजन की आपूर्ति के लिए किया गया है जिस Hindustan limited अगले कुछ ही सालों में तैयार होने वाले 97 तेजस विमान में लगाने वाला है। यह इंजन बेहद ही शक्तिशाली और हल्के युद्ध के विमान को उच्च प्रदर्शन देने में सक्षम होने वाले हैं।

प्राप्त कुछ स्रोतों के अनुसार इन इंजनों की डिलीवरी 2027 से लेकर 2032 के बीच पूरी कर ली जाएगी जिससे भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान को मजबूती मिल पाएगी और घरेलू रक्षा उत्पादन में भी रफ्तार बढ़ेगा।

HAL-GE Aerospace deal: India's 'Tejas' to get a new flight, major deal signed for 113 engines

‘Make in India’ को मिलेगी रफ्तार

यशोदा सिर्फ इंजन की आपूर्ति के लिए ही नहीं बल्कि भारत और अमेरिका के बीच रक्षा की साझेदारी को एक नई दिशा देने के लिए भी किया जा रहा है। Hindustan limited ने पहले भी GE के साथ सहयोग किया है लेकिन इस बार सरकार का लक्ष्य अधिकतम स्वदेशी उत्पादन है आने वाले समय में इन इंजनों के लिए लोकल निर्माण की दिशा में भी काम को आगे बढ़ाया जा सकता है जिससे भारत विदेशी निवेश तकनीक पर निर्भरता घटाएगा।

शेयर बाजार में भी हलचल

इस बड़ी HAL- GE Aerospace deal यानी रक्षा डील के बाद सोमवार को हिंदुस्तान लिमिटेड के शेयर में तेजी देखने को मिल सकती है ऐसा अनुमान जताया जा रहा है निवेश करने वाले लोगों को उम्मीद है कि इस समझौते से कंपनी के भविष्य के ऑर्डर और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो पाएगी। रक्षा क्षेत्र में बढ़ते सरकारी खर्च के चलते हिंदुस्तान लिमिटेड जैसे पब्लिक उपक्रमों पर प्रदर्शन और भी बेहतर होने की संभावना बताई जा रही है।

भारत की रक्षा शक्ति में नया अध्याय

इस तरह की डील होने से भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता के रास्ते और भी मजबूत हो जाएंगे तेजस विमान पहले ही भारत की तकनीकी क्षमता का प्रतीक बना हुआ है और अब इसे HAL- GE Aerospace deal के साथ भारत वैश्विक रक्षा उद्योग में और मजबूती से अपनी जगह बनाएगा।

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