Gold Prices: सोने की कीमतों में हाल ही में हुई गिरावट के बाद भारत में पुराने सोने के गहने बेचने का रुझान बढ़ता जा रहा है। जून 2026 के अंतिम सप्ताह में कीमतों में आई नरमी और आगे कलेक्शन की आशंका के कारण कई उपभोक्ताओं ने ऊंचे भाव पर मुनाफा सुरक्षित करने का फैसला कर लिया है। इसका असर गोल्ड रीसाइकलिंग बिजनेस और घरेलू बाजार दोनों पर देखने को मिलने वाला है।

Gold Prices में गिरावट के बाद बढ़ी है पुराने सोने की बिक्री
बाजार के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल जून 2026 के तिमाही में भारतीय परिवार द्वारा पुराने सोने की बिक्री में बढ़ोतरी देखी गईहै। उद्योग से जुड़े अनुमान के अनुसार इस अवधि में करीब 50 टन पुराने सोने की बिक्री हुई है जो कि पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 43% अधिक है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद कीमतों में आई नरमी के कारण कई सारे लोगों ने अपने पुराने आभूषण बेचने पर ध्यान भी दियाहै।
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Gold Prices पर किन कारणों का पड़ा है असर?
इंटरनेशनल बाजार में सोने की कीमत पर कई सारे वैश्विक कारकों का प्रभाव पड़ता देखा जा रहा है। अमेरिकी व्यसरों को लेकर बनी अनिश्चित डॉलर की मजबूती और सुरक्षित निवेश के मांग के कुछ कमी के कारण सोनी ने हाल ही के दिनों में करेक्शन देखने को मिला है। हालांकि विशेषज्ञ से लंबी अवधि की कमजोरी नहीं बल्कि सामान्य बाजार के उतार-चढ़ाव का हिस्सा ही बता रहे हैं।
गोल्ड रीसाइक्लिंग उद्योग को मिल सकता है इसमें फायदा
पुराने गेनो की भर्ती बिक्री का सबसे बड़ा लाभ गोल्ड रीसाइकलिंग बिजनेस को मिलने की संभावना बताई जा रही है। घरेलू लेवल पर उपलब्ध स्क्रैप गोल्ड की मात्रा बढ़ने से नए सोने के आयात की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाएगी। इससे बुलियन सप्लाई चैन को भी सहारा मिल सकता है और ज्वेलरी उद्योग को वैकल्पिक स्रोत भी मिलेंगे।
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निवेशकों और खरीदारों के लिए क्या संकेत?
Gold Prices मैं उतार-चढ़ाव अभी कुछ समय के लिए जारी रह सकता है वही लंबी अवधि में महंगाई आर्थिक अनिश्चित और तनाव जैसे कर्म से सोना अभी भी एक महत्वपूर्ण परिसंपत्ति माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले महीना में अमेरिकी केंद्रीय बैंक की नीति वैश्विक आर्थिक संकट और डॉलर की चला सोने के दाम की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।




