रीवा। ईसाई समुदाय के सबसे पवित्र और गरिमामयी दिनों में से एक ‘गुड फ्राइडे’ आज रीवा जिले में पूरी श्रद्धा और सादगी के साथ मनाया गया। प्रभु यीशु मसीह के मानवता के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए शहर के विभिन्न चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। इस दौरान माहौल पूरी तरह भक्तिमय, शांत और चिंतनशील रहा।
प्रार्थना और आत्म-चिंतन का दौर
सुबह से ही शहर के शांति कुटीर चर्च समेत अन्य स्थानीय गिरजाघरों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। गुड फ्राइडे के अवसर पर चर्चों में विशेष शोक सभाएं हुईं, जिसमें प्रभु यीशु के सूली पर चढ़ाए जाने के अंतिम क्षणों और उनके द्वारा दिए गए क्षमा के संदेशों का स्मरण किया गया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक प्रार्थनाओं में भाग लिया और मानवता की भलाई के लिए दुआएं मांगीं।
प्रमुख धार्मिक कार्यक्रम
- क्रॉस स्टेशन की पूजा: कई चर्चों में ‘वे ऑफ द क्रॉस’ (क्रॉस की यात्रा) का आयोजन किया गया, जिसमें यीशु के कष्टों को दर्शाते हुए विभिन्न चरणों की पूजा की गई।
- विशेष प्रवचन: धर्मगुरुओं ने प्रभु यीशु के जीवन, उनके त्याग और प्रेम पर आधारित प्रवचन दिए। उन्होंने बताया कि किस तरह यीशु ने शत्रुओं को क्षमा करने और प्रेम का मार्ग चुनने की शिक्षा दी।
- उपवास और परंपरा: समुदाय के लोगों ने इस दिन उपवास रखा और पूरी सादगी के साथ शोक व्यक्त किया।
शांतिपूर्ण आयोजन
गुड फ्राइडे, जो ईस्टर संडे से दो दिन पहले मनाया जाता है, रीवा में बेहद शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। चर्च प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सभी धार्मिक कार्यक्रम सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित किए गए। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चों ने काले कपड़े पहनकर और मौन रखकर अपनी श्रद्धा अर्पित की।




