Ekta Rath reached Rewa with rare items of Sardar Patel: गुजरात से शुरू हुई सरदार वल्लभभाई पटेल की एकता रथ यात्रा शनिवार को रीवा पहुंच गई। रथ में सरदार पटेल के जीवन से जुड़ी अनेक दुर्लभ एवं ऐतिहासिक वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं, जिन्हें देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
रथ में शामिल प्रमुख वस्तुओं में कारावास के दौरान उपयोग की गई संदूक, चरण पादूका, निजी उपयोग की पॉकेट घड़ी, सुवर्ण अशोक स्तंभ (2.9 किग्रा), विभिन्न सम्मान पत्र और मित्रों द्वारा भेंट की गई सामग्री शामिल है। इन वस्तुओं को विशेष सुरक्षा के साथ बुलेट प्रूफ वाहन में चार कमांडो की निगरानी में रखा गया है।
रीवा पहुंचने से पहले यात्रा मऊगंज में रुकी, जहां स्थानीय लोगों ने रथ का भव्य स्वागत किया। नईगढ़ी, बधवा मोड़ और साईं मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और दुर्लभ वस्तुओं के सामने शीश नवाकर प्रणाम किया।
इस अवसर पर रिटायर्ड प्रोफेसर राजमणि पटेल ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन सादगी और समर्पण का प्रतीक था। उन्होंने सैकड़ों रियासतों को एक करके भारत की एकता की मजबूत नींव रखी। इस एकता रथ यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों को उनके विचारों और त्याग से प्रेरित करना तथा समाज को एकजुट कर देश को समृद्ध और मजबूत बनाने का संदेश देना है।
रीवा में रथ का स्वागत करते हुए पूर्व विधायक विद्यावती पटेल, पूर्व पार्षद सीएम सिंह पटेल, कांग्रेस नेत्री बबीता साकेत समेत कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी उपस्थित रहे। रथ यात्रा सरदार पटेल संस्थान में रात्रि विश्राम कर आगे अपनी यात्रा जारी रखेगी। यह यात्रा पूरे देश में सरदार पटेल के योगदान और राष्ट्र एकता के संदेश को मजबूत करने का माध्यम बन रही है।
