Social Media effect on mental health: आजकल के जीवन में social media युवाओं के लिए एक जरूरी हिस्सा बन चुका है, लेकिन क्या यह उनकी मेंटल हेल्थ पर असर डाल रहा है? हाल ही में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने स्पष्ट रूप से बताया है कि सोशल मीडिया खुद कोई समस्या नहीं है बल्कि इसका इस्तेमाल करने का तरीका युवाओं में डिप्रेशन की समस्या को बढ़ा सकता है।

Social Media और Mental Health का क्या है संबंध
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया का सीधा संबंध डिप्रेशन से नहीं है लेकिन इसका अत्यधिक मात्रा में और गलत तरीके से उपयोग करना हमारी मानसिक समस्याओं को बढ़ा सकता है। खास तौर पर युवाओं में ये प्लेटफार्म इमोशनल स्थिति को प्रभावित कर सकता है जिससे चिंता और अकेलेपन की भावना बढ़ सकती है।
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Comparison और Validation होते है बड़ी वजह
डॉक्टर के मुताबिक सोशल मीडिया का लोग उपयोग अक्सर अपनी परफेक्ट लाइफ दिखाने के लिए करते हैं। इसे देखकर दूसरे यूजर्स भी खुद की तुलना करने लगते हैं और उनमें आत्मविश्वास कम हो जाता है इसके अलावा बहुत सारे सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर भी होते हैं जो लाइक और कमेंट की चाह में मानसिक रूप से प्रभावित हो जाते हैं।
ज्यादा इस्तेमाल से बढ़ सकता है लोगों में तनाव
डॉक्टर ऐसा मानते हैं कि सोशल मीडिया का उपयोग जरूर से ज्यादा करने से नींद और दिनचर्या प्रभावित हो जाती है। देर रात तक मोबाइल चलाने से नींद की कमी होती है और आगे चलकर आपको मूड स्विंग्स या तनाव जैसे समस्या देखने को मिलती है। इसके साथ ही साइबर बुलिंग जैसे घटनाएं भी आपके मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है।
क्या आपको Social Media के फायदे भी हैं?
हर सिक्के के दो पहलू होते हैं अगर सोशल मीडिया का नुकसान है तो इसके फायदे भी कुछ है। सोशल मीडिया की मदद से आप लोगों से जुड़ने और अपनी जानकारी को शेयर करने में मदद करते हैं कई बार यह लोगों के अकेलेपन को कम करने में भी मदद करता है। लेकिन जरूरत से अधिक उपयोग करना भी अच्छा नहीं होता है।
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इसका सही उपयोग ही है सबसे बड़ा समाधान
डॉक्टर के अनुसार दिक्कत सोशल मीडिया नहीं है बल्कि इसका उपयोग करने का तरीका है। अगर इसे संतुलित रूप से इस्तेमाल किया जाता है तो स्क्रीन टाइम को भी सीमित रखा जा सकता है इससे इसके नेगेटिव प्रभाव नहीं देखने को मिलतेहैं। ऐसी सलाह दी जाती है कि लोग समय-समय पर डिजिटल ब्रेक ले और वास्तविक जीवन पर भीध्यान दें
