मध्य प्रदेश पुलिस ने नशा कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए रीवा जोन में एक अवैध एमडी (MD) ड्रग्स निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। यह फैक्ट्री मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिझौली गांव में चोरी-छिपे संचालित हो रही थी। रविवार रात पुलिस ने भारी बल के साथ मौके पर छापेमारी की, जहां से करोड़ों रुपये मूल्य की संदिग्ध एमडी ड्रग्स, भारी मात्रा में केमिकल, एसिड और ड्रग्स बनाने के आधुनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मौके से एक लग्जरी चार पहिया वाहन भी जब्त किया है।
यह पूरी कार्रवाई रीवा जोन के आईजी गौरव राजपूत के निर्देशन में चलाई जा रही ‘जन चौपाल’ मुहिम के तहत मिली मुखबिर की सटीक सूचना पर की गई। मऊगंज एसपी एस.के. जैन और एसडीओपी सची पाठक ने पुलिस टीम का नेतृत्व करते हुए इस अवैध सिंडिकेट को रंगे हाथों दबोचा। प्रारंभिक जांच में पुलिस को अंदेशा है कि इस फैक्ट्री में तैयार होने वाली नशीली ड्रग्स को रीवा के रास्ते अन्य राज्यों, खासकर मुंबई के बड़े बाजारों और खरीदारों तक सप्लाई किया जाता था।
पुलिस ने इस अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े चार प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में चंदन सिंह (26 वर्ष, निवासी सोनवर्षा, रीवा), अशोक गुप्ता (40 वर्ष, निवासी लालगांव, रीवा), पीकचन्द्र यादव (21 वर्ष, निवासी सोनवर्षा, रीवा) और ऋषभ सेन (18 वर्ष, निवासी शुकुलगवां, गोविन्दगढ़) शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
इस बड़ी सफलता पर मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने आईजी गौरव राजपूत और मऊगंज पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है। आईजी ने कार्रवाई में शामिल पूरी टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। फिलहाल मऊगंज पुलिस पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि इस सिंडिकेट के मुख्य मास्टरमाइंड, बैकएंड फंडिंग करने वालों और मुंबई के ड्रग माफियाओं के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।




