Ram Mandir Theft: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने चंपत राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने इस मुद्दे पर बीजेपी, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही कांग्रेस ने इस मुद्दे को गांव-गांव तक ले जाकर जनता के बीच उठाने का ऐलान किया है।
Ram Mandir Theft: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले (Ram Mandir Donation Theft Case) को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को उज्जैन में बड़ा बयान दिया। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) के महासचिव चंपत राय के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की। साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी (BJP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर भी निशाना साधा।
‘आस्था से जुड़ा मामला, जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई’
दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि लोगों की भगवान राम और सनातन धर्म (Sanatan Dharma) में सच्ची आस्था है, तो वे मंदिर से जुड़े इस मामले को हल्के में नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह भगवान राम के मंदिर में कथित चोरी की बात सामने आई है, उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी बीजेपी, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद पर है। साथ ही कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी और लोगों को बताएगी कि कथित तौर पर राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मामले में क्या हुआ।
गांव-गांव जाएगी कांग्रेस
पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाएगी। उन्होंने कहा कि उज्जैन जिले की 609 ग्राम पंचायतों में दल और मंडल स्तर पर समितियां बनाई गई हैं, जो घर-घर जाकर लोगों को इस मामले की जानकारी देंगी और पार्टी का पक्ष रखेंगी।
CCTV फुटेज पर भी उठाए सवाल
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) को हटाया गया। उन्होंने दावा किया कि कथित चोरी के दौरान फुटेज डिलीट कराए गए, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
चंपत राय और ट्रस्ट की जिम्मेदारी बताई
दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि राम मंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) का गठन केंद्र सरकार के कार्यकाल में हुआ था, इसलिए इसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।




