Cyclone Murasu Coming : बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती सिस्टम ताकतवर हो रहा है। इसके असर से दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा है। मौसम विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश के तट पर हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जबकि झोंकों में यह 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार में भी मौसम बदलने की आशंका है।
कैसे बना चक्रवाती तूफान मुरासु?
बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव लगातार मजबूत हुआ और एक नवंबर को चक्रवाती तूफान में बदल गया। इसे ‘मुरासु’ नाम दिया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, यह दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में सक्रिय है।
तूफान के पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ने और दो नवंबर तक और ताकतवर होने का अनुमान है। इसके दो नवंबर की रात से तीन नवंबर के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की संभावना जताई गई है। नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट पार करते समय दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में मौसम बेहद खराब रह सकता है।
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तेज हवाएं, भारी बारिश
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज हवाओं से पेड़ और बिजली के खंभे गिरने, कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने और बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा है। समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं, इसलिए मछुआरों को सतर्क रहने की जरूरत है।
दो और तीन नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। तीन नवंबर को तेलंगाना के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में एक से सात नवंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। एक और दो नवंबर को तमिलनाडु में भारी बारिश की आशंका है। केरल और माहे में भी एक से सात नवंबर तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जबकि लक्षद्वीप में पांच से सात नवंबर के बीच बारिश का अनुमान है।
कर्नाटक में तटीय और दक्षिण आंतरिक इलाकों में दो से पांच नवंबर तक बारिश हो सकती है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में तीन से पांच नवंबर के बीच बारिश की संभावना है।
छत्तीसगढ़ और ओडिशा में फसल पर खतरा
मुरासु का असर दो-तीन दिन बाद मध्य और पूर्वी भारत में दिख सकता है। छत्तीसगढ़ और दक्षिणी ओडिशा में तीन और चार नवंबर को भारी बारिश की आशंका है। छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
ओडिशा में दो नवंबर से बारिश तेज हो सकती है। तीन और चार नवंबर को दक्षिणी ओडिशा के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश संभव है। छत्तीसगढ़ में धान की कटाई और उपज निकालने का काम चल रहा है। बारिश से खेतों में खड़ी फसल और खुले में रखी कटी हुई धान की उपज को नुकसान पहुंच सकता है।
मध्य और पूर्वी भारत में भी बारिश के आसार
पूर्वी मध्य प्रदेश में एक से पांच नवंबर और पश्चिमी मध्य प्रदेश में तीन से पांच नवंबर तक बारिश हो सकती है। विदर्भ में दो से पांच नवंबर के बीच बारिश का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में एक-दो नवंबर और फिर पांच से सात नवंबर के दौरान भी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
झारखंड में एक से चार नवंबर तक, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में एक से तीन नवंबर और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में एक से चार नवंबर तक बारिश हो सकती है। बिहार में एक और दो नवंबर को कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी एक से सात नवंबर तक बारिश हो सकती है।
उत्तर भारत में हल्की बारिश और कोहरे की संभावना
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में एक-दो नवंबर तथा पांच नवंबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में एक और दो नवंबर को बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी इन तारीखों पर हल्की से मध्यम बारिश संभव है। उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में सुबह हल्का से मध्यम कोहरा छा सकता है।
प्रशासन और किसानों के लिए सतर्कता जरूरी
मुरासु के कारण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज हवाओं और कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा है। तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, मछुआरों के लिए समुद्र में न जाने की सलाह और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क करना जरूरी है। किसानों को भी कटी हुई फसल सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी जाती है।
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