मऊगंज। नईगढ़ी थाना क्षेत्र के देवलहा जलप्रपात के पास 24 फरवरी से लापता 16 वर्षीय किशोर विवेक विश्वकर्मा निवासी डिहिया गांव का शव 8 मार्च को मिलने के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। परिजनों ने इसे हत्या का मामला बताते हुए पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और संदिग्धों के नाम देकर न्याय की मांग की।
विरोध-प्रदर्शन, चक्काजाम और थाने पर पहुंचकर हंगामा करने के बाद पुलिस ने उल्टा 11 मार्च को पीड़ित परिवार, ग्रामीणों तथा कांग्रेस के जिला स्तर के नेताओं और जिला पंचायत सदस्य पद्मेश गौतम समेत कुल 39 लोगों के खिलाफ नईगढ़ी थाने में FIR दर्ज कर दी। खास बात यह है कि थाना प्रभारी गोविंद तिवारी को पहले ही 10 मार्च को कलेक्टर ने लापरवाही के आरोप में लाइन अटैच कर दिया था और SIT गठित करने का फैसला हो चुका था, फिर भी स्थानांतरण के बाद भी उन्होंने यह FIR दर्ज की।
कांग्रेस नेता पद्मेश गौतम ने इसे पूरी तरह फर्जी और राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए कहा कि भाजपा सरकार पीड़ितों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि फर्जी मुकदमों के खिलाफ अब बड़ा आंदोलन किया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली थी, लेकिन FIR दर्ज होने से विवाद और गहरा गया है।
