रीवा। जिले के हुजूर नगर तहसील अंतर्गत ग्राम गड़रिया में बिना वैध अनुमति के अवैध कॉलोनी विकसित करने वाले भू-स्वामियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने मामले की जांच के बाद 12 भू-स्वामियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण (FIR) दर्ज कराने, उनकी संपत्ति कुर्क करने और नामांतरण व नए विक्रय पत्रों के पंजीयन पर रोक लगाने के कड़े आदेश दिए हैं।
बिना डायवर्सन और अनुमति के बेचे गए भू-खंड
राजस्व विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार, तहसील हुजूर नगर के वृत्त कोठी स्थित पटवारी हल्का नंबर 33 के ग्राम गड़रिया में विभिन्न भू-स्वामियों द्वारा बिना सक्षम स्वीकृति के अवैध रूप से भू-खंडों की प्लाटिंग कर कॉलोनी बसाई जा रही थी। भू-स्वामियों ने कृषि भूमि का डायवर्सन कराए बिना उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर लोगों को बेच दिया। इस क्षेत्र में बिना अनुमति कच्ची सड़कें बना दी गईं और पेयजल व ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाओं के बिना ही निर्माण कार्य शुरू करा दिए गए। सक्षम प्राधिकारी से कॉलोनी विकास की अनुमति न लेने के कारण शासन को भारी राजस्व और आश्रय शुल्क की क्षति हुई है।
कारण बताओ नोटिस और जवाब का परीक्षण
एसडीएम हुजूर के जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर न्यायालय द्वारा सभी 12 भू-स्वामियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। अनावेदक देवेंद्र कुमार तिवारी को छोड़कर अन्य सभी भू-स्वामियों ने अपना जवाब प्रस्तुत किया। भू-स्वामियों ने पारिवारिक आवश्यकताओं, कर्ज और इलाज के खर्च के लिए जमीन बेचने की बात स्वीकार की, लेकिन अवैध कॉलोनी निर्माण के आरोपों से इंकार किया। हालाँकि, कलेक्टर द्वारा दस्तावेजों के गहन परीक्षण में पाया गया कि किसी भी भू-स्वामी के पास डायवर्सन या नगर तथा ग्राम निवेश विभाग की वैध अनुमति नहीं थी, जिससे उनके पक्ष असंतोषजनक पाए गए।
FIR, कुर्की और सख्त बंदिशों के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने एसडीएम हुजूर को निर्देश दिए हैं कि वे दोषी भू-स्वामियों के विरुद्ध संबंधित थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराएं। इसके अलावा, वर्तमान में वहां रह रहे लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दोषी भू-स्वामियों की अन्य अविक्रीत या अन्य स्थानों पर स्थित भूमियों को कुर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने खसरे में ‘अवैध कॉलोनी’ दर्ज करने, नामांतरण व नई रजिस्ट्री रोकने, विद्युत मंडल को नए कनेक्शन न देने और ग्राम पंचायत को निर्माण की अनुमति न देने के सख्त निर्देश दिए हैं। शासन को हुई आर्थिक क्षति की वसूली कॉलोनी सेल द्वारा की जाएगी। भू-स्वामियों का यह कृत्य भू-राजस्व संहिता, नगर एवं ग्राम निवेश अधिनियम तथा पंचायत एवं ग्राम स्वराज अधिनियम के तहत दंडनीय पाया गया है।
इन 12 भू-स्वामियों पर हुई कार्रवाई
कलेक्टर द्वारा जिन भू-स्वामियों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं, उनमें शामिल हैं:
अन्य क्षेत्र: श्रीमती धनवंती रजक (रीवा), श्रीमती पूनम (मढ़ीकला, मनगवां), सुरेश कुमार उपाध्याय (रतहरी, हुजूर नगर) तथा देवेंद्र कुमार तिवारी (रायपुर कर्चुलियान – जिनके विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई की गई है)।
जिवला (रायपुर कर्चुलियान): गिरिवरधारी पिता गया प्रसाद दुबे, गोमती प्रसाद पिता रामगोपाल दुबे।
बेलाऊहन टोला समान (रीवा): रामलली दुबे पिता चंद्रशेखर प्रसाद दुबे।
गड़रिया (हुजूर नगर): श्रीनिवास विश्वकर्मा, श्रीमती प्रेमवती, अनीता विश्वकर्मा, संजू उर्फ अंजू तथा चिड्डी (सभी पिता/पति हजारीलाल विश्वकर्मा)।




