सीजेआई की सरकार को दो टूक, कहा मक्खी को रोकने हथौड़े न चलाए, ट्रेनों को रोकने का आदेश रदद्र

नईदिल्ली। देश की राजधानी में शनिवार को होने वाले आंदोलन को लेकर सरकार ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया, तो वही सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई सूर्यकांत ने सरकार को फटकार लगाई है। उन्होने कहा कि सिर्फ उतनी ही कार्रवाई करें जितनी जरूरी हो। आप मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल न करें। इसी के साथ कोर्ट ने मेट्रो बंद करने का आदेश खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से सेवाओं को नियंत्रित तरीके से जारी रखने को कहा कि ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। शुक्रवार को सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में यह मुद्दा उठाया।

चुनाव आयुक्त के खिलाफ आंदोलन

ज्ञात हो कि सीईसी के खिलाफ सीजेपी और कुछ छात्र संगठनों ने प्रदर्शन का ऐलान किया है। आंदोलन कारियों को दिल्ली आने से रोकने के लिए सरकार परिवहन सेवा को रोक रही है। उसी के तहत नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन आने वाली सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें कल कैंसिल किया गया। पुलिस ने प्रदर्शन से पहले 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने का फैसला लिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अब सरकार के इस आदेश को ही रदद्र कर दिया है।

दिल्ली में महाआदोलन

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के स्तीफे की मांग समेत अन्य बिदुओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्वं में 10 अक्टूबर को महाआंदोलन हो रहा है। सीजेपी ने ऐलान किया है कि दिल्ली में फिर जंतर-मंतर होगा। इस आंदोलन को देखते हुए न सिर्फ दिल्ली सरकार और प्रशासन हाई अलर्ट पर है बल्कि सीजेपी का आरोप है कि राज्य सरकारें लोगो को रोक रही है।

मुख्य बातें

  • ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़ा न चलाएं’: CJI सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा कि प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाने का अधिकार है, लेकिन यह कार्रवाई जरूरत से ज्यादा कठोर नहीं होनी चाहिए।
  • सार्वजनिक परिवहन पर रोक पर नाराजगी: कोर्ट ने 57 मेट्रो स्टेशनों और नई दिल्ली व निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों की तरफ जाने वाली ट्रेन सेवाओं पर रोक लगाने के फैसले पर चिंता जताई।
  • जनता की परेशानी: कोर्ट ने कहा कि हर किसी के पास निजी वाहन नहीं होते और इस तरह सब कुछ पूरी तरह ठप करने से आम नागरिकों, छात्रों और रोजमर्रा काम करने वालों को भारी परेशानी होगी।
  • संतुलित कदम उठाने के निर्देश: सुप्रीम कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने को कहा कि विरोध प्रदर्शन पर उचित पाबंदियां जरूर लगाई जा सकती हैं, लेकिन मेट्रो और ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह बंद नहीं किया जाना चाहिए। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस रोक पर पुनर्विचार का भरोसा दिलाया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *