रीवा। शासकीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता की जमीनी हकीकत परखने निकले अधिकारियों को गुरुवार को सिलपरा में एक चौंकाने वाली स्थिति का सामना करना पड़ा। संभागायुक्त शीलेन्द्र सिंह और कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी जब सिलपरा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे, तो वहां शैक्षणिक स्तर देखकर वे दंग रह गए। अधिकारियों ने जब कक्षा में पहुंचकर बच्चों से हिंदी की किताब पढ़वाई, तो कई छात्र सामान्य शब्द भी नहीं पढ़ सके।
छात्रों की इस स्थिति को देखकर संभागायुक्त शीलेन्द्र सिंह बेहद सख्त नजर आए और उन्होंने प्राचार्य को सभी के सामने जमकर फटकार लगाई। आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि जब बच्चों को बुनियादी हिंदी ही पढ़ना नहीं आ रहा है, तो वे गणित और अन्य विषय कैसे समझ पाएंगे? प्राचार्य के ढुलमुल जवाब पर भड़कते हुए आयुक्त ने तीखा सवाल किया, “अगर मैं फारसी में बात करूं, तो क्या आप समझ पाएंगे?”
निरीक्षण के दौरान स्कूल में छात्रों की बेहद कम उपस्थिति पर भी संभागायुक्त ने गहरी चिंता और नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब बच्चों को कक्षा में पढ़ाया ही समझ नहीं आएगा, तो वे स्कूल क्यों आएंगे। आयुक्त ने निर्देश दिए कि जो बच्चे लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं, उनके अभिभावकों से तुरंत फोन पर संपर्क किया जाए और स्कूल न आने का कारण जाना जाए।
शिक्षा के गिरते स्तर को सुधारने के लिए संभागायुक्त ने स्कूल प्रशासन को निर्देश दिए कि कमजोर बच्चों की पहचान कर उनके लिए तुरंत अलग से विशेष (रेमेडियल) कक्षाएं शुरू की जाएं। वहीं, पठन-पाठन और प्रबंधन में गंभीर लापरवाही बरतने पर प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही ‘शब्द सांची’ की टीम ने सिलपरा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की बदहाली और जमीनी हकीकत पर प्रमुखता से कवरेज की थी, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर यह बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है।




