प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र में फोटोग्राफर आलोक गुप्ता (27) की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपियों ने केवल आलोक की हत्या कर शव को सोहागी पहाड़ी पर फेंका ही नहीं, बल्कि उसकी मौत का राज छिपाने के लिए 20 दिनों तक उसके आईफोन का इस्तेमाल करते हुए उसकी गर्लफ्रेंड से चैट भी जारी रखी। मुख्य आरोपी शुभम तिवारी आलोक बनकर गर्लफ्रेंड से बात करता रहा और मिलने के बहाने टालता रहा ताकि किसी को उसकी गुमशुदगी या मौत का शक न हो।
हाथ-पैर तोड़कर बैग में भरी लाश
योजनाबद्ध तरीके से 10 अगस्त की रात दोस्तों ने आलोक को भारी मात्रा में शराब पिलाई। नशे में धुत होने पर विवाद के दौरान शुभम तिवारी ने उसे गोली मार दी और बाकी साथियों ने उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद फ्लैट को बाहर से ताला लगाकर आरोपी फरार हो गए थे और करीब 16 घंटे बाद वापस लौटकर लाश के हाथ-पैर तोड़कर उसे बैग में भरा। इसके बाद वे कार में शव रखकर पांच घंटे तक ठिकाना तलाशते रहे और रात को सोहागी पहाड़ी पर फेंक आए।
प्रेमिका के ताने और गिफ्ट की जिद बनी वजह
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि हत्या की वजह सिर्फ पैसों का विवाद नहीं थी। आलोक जिस लड़की से नजदीकियां रखता था, उसकी छोटी बहन के साथ मुख्य आरोपी शुभम तिवारी का अफेयर था। आलोक अपनी प्रेमिका को महंगे गिफ्ट देता था, जिसके चलते शुभम की प्रेमिका भी उससे महंगे तोहफे मांगती थी। आर्थिक तंगी के कारण मांग पूरी न होने पर मिलने वाले तानों ने शुभम के मन में रंजिश पैदा कर दी, जो इस खौफनाक वारदात की बड़ी वजह बनी।
हथियार तस्कर की तलाश और दोबारा होगा पोस्टमॉर्टम
पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड शुभम तिवारी, शुभम यादव और अंकुश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल और कार फाफामऊ के प्रॉपर्टी डीलर विपिन शुक्ला ने उपलब्ध कराई थी, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। वहीं, शव अत्यधिक क्षतिग्रस्त होने के कारण पुलिस अब आलोक का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की तैयारी कर रही है ताकि मौत की वास्तविक वजह और गोली लगने के साक्ष्यों की पुष्टि की जा सके।




