Emperor Vikramaditya Award 1.01 Crore: भोपाल में गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर 1.01 करोड़ रुपये का अंतर्राष्ट्रीय सम्मान शुरू करने का बड़ा ऐलान किया। उन्होंने इस पर्व को भारतीय संस्कृति की गहरी जड़ों, शुभता, नवचेतना तथा नए संकल्पों का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह हमें सकारात्मक ऊर्जा के साथ जीवन में आगे बढ़ने और समृद्धि की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। यह सम्मान भारतीय संस्कृति, समाज सेवा, नवाचार तथा जनकल्याण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रदान किया जाएगा, जिसके नामांकन की प्रक्रिया गुड़ी पड़वा से ही शुरू हो गई है।
Emperor Vikramaditya Award 1.01 Crore: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर 1 करोड़ 1 लाख रुपये का अंतर्राष्ट्रीय सम्मान शुरू करने की घोषणा की। यह सम्मान भारतीय संस्कृति, समाज सेवा, नवाचार, जनकल्याण और अन्य उल्लेखनीय क्षेत्रों में योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रदान किया जाएगा। नामांकन प्रक्रिया गुड़ी पड़वा से ही शुरू हो गई है।
सीएम ने कहा कि गुड़ी पड़वा हमारी सांस्कृतिक परंपरा, शुभता और नवचेतना का प्रतीक है। यह पर्व नए संकल्प लेने, सकारात्मक ऊर्जा के साथ जीवन आगे बढ़ाने और प्रकृति के नवजीवन की प्रेरणा देता है। चैत्र प्रतिपदा से विक्रम संवत की शुरुआत होती है, जो सम्राट विक्रमादित्य से जुड़ा ऐतिहासिक महत्व रखता है।
कार्यक्रम में पारंपरिक सम्मान
कार्यक्रम मुख्यमंत्री निवास में समग्र मराठी समाज द्वारा आयोजित किया गया। सीएम का ढोल-ताशों के साथ पारंपरिक स्वागत किया गया। उन्हें पेशवाई टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया और छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा भेंट की गई। विभिन्न शहरों से आए प्रतिनिधियों ने गुड़ी भेंट की। इस दौरान मराठी साहित्य अकादमी की पत्रिका ‘अथर्वनाद’ का विमोचन भी हुआ।
गुड़ी पड़वा पर राज्य में अवकाश घोषित
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति की गहरी जड़ों का जिक्र किया और कहा कि चुनौतियों के बावजूद यह परंपरा अटल रही है। गुड़ी पड़वा उत्साह, उमंग और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है। इसलिए राज्य सरकार ने इस दिन एक दिन का अवकाश घोषित किया है।
विक्रमादित्य और अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को याद किया
सीएम डॉ. मोहन यादव ने सम्राट विक्रमादित्य और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को याद करते हुए कहा कि इन महान व्यक्तित्वों ने भारतीय संस्कृति और सुशासन की मजबूत नींव रखी। राज्य सरकार इन आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कार्यक्रम में मराठी समाज के प्रमुख प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के सदस्य मौजूद रहे। सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से भारतीय परंपरा और विरासत को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
