9 अप्रैल को होने वाले असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य की सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला करते हुए उसे राज्य में खत्म बताया है। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव में पाकिस्तानी हस्तक्षेप का एक बेहद गंभीर मुद्दा उठाया है।
असम विधानसभा चुनाव में पाकिस्तानी साजिश का आरोप
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस पार्टी अब असम में अपना राजनीतिक वजूद खो चुकी है। मुख्यमंत्री ने गौरव गोगोई और पवन खेड़ा जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने इन नेताओं पर एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप से कथित तौर पर मदद लेने का सनसनीखेज आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि आगामी असम विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने के लिए यह एक सोची-समझी साजिश रची जा रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पाकिस्तान जानबूझकर हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में दखल देने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह राज्य में मंडरा रहे इस खतरे के बारे में जुलाई महीने से ही लगातार चेतावनी देते आ रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल
हिमंत बिस्वा सरमा ने पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई की राजनीतिक शैली पर सीधे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर एक राष्ट्रीय स्तर की पार्टी के बड़े नेता इतनी निम्न स्तर की राजनीति पर क्यों उतर आए हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं से देश की जनता के सामने पाकिस्तान के साथ अपने कथित संबंधों को तुरंत स्पष्ट करने की मांग की है।
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क्या है मुख्यमंत्री की पत्नी से जुड़ा पासपोर्ट विवाद?
यह पूरा चुनावी और सियासी बवाल मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा से जुड़े एक विवाद के बाद शुरू हुआ है। हाल ही में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि रिनिकी भुइयां के पास एक से अधिक पासपोर्ट मौजूद हैं। वहीं, उन्होंने दुबई और अमेरिका में उनके अघोषित कारोबारी हितों का भी बड़ा दावा किया था। इन आरोपों ने चुनाव से ठीक पहले राज्य के राजनीतिक माहौल को काफी तनावपूर्ण बना दिया है।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने मीडिया को बताया कि विपक्ष जिन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहा है, वे पूरी तरह से फर्जी और निराधार हैं। एक पासपोर्ट को तो संबंधित जांच एजेंसियों ने पहले ही नकली घोषित कर दिया है।
फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का किया दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम सरमा ने पत्रकारों के सामने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन भी पेश किया। इस प्रेजेंटेशन का शीर्षक ‘सच्चाई का खुलासा कैसे हुआ’ रखा गया था। इसमें उन्होंने बारीकी से बताया कि कांग्रेस द्वारा पेश किए गए दस्तावेज असल में एआई (AI) तकनीक द्वारा फोटोशॉप किए गए थे।
उन्होंने यह भी दावा किया कि इन फर्जी दस्तावेजों को उसी पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप से प्राप्त किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल 199 डॉलर खर्च करके कोई भी व्यक्ति विदेशी कंपनी पंजीकृत कर सकता है। इसलिए विदेशी कंपनियों के इन दावों में कोई ठोस दम नहीं है। उन्होंने गूगल रिवर्स इमेज सर्च का हवाला देते हुए साबित किया कि विपक्षी नेताओं के आरोप कितने खोखले हैं।
सट्टा बाजार के आंकड़ों का भी किया जिक्र
अपने राजनीतिक दावों को मजबूती देने के लिए मुख्यमंत्री ने सट्टा बाजार के ताजा रुझानों का भी खुलकर उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे विपक्ष के झूठे आरोप जनता के सामने बेनकाब हो रहे हैं, लोगों का विश्वास एनडीए सरकार पर और अधिक मजबूत हो रहा है।
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एनडीए की सीटों में इजाफे का अनुमान
सीएम सरमा के मुताबिक, जब से उन्होंने कांग्रेस की इस कथित पाकिस्तानी साजिश का पर्दाफाश किया है, सट्टा बाजार में एनडीए की स्थिति तेजी से सुधरी है। उन्होंने दावा किया कि पहले एनडीए को 94 सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा था। लेकिन अब यह आंकड़ा अचानक बढ़कर 99 तक पहुंच गया है। उनका मानना है कि यह इस बात का सीधा संकेत है कि आम मतदाता विपक्ष की नकारात्मक राजनीति को पूरी तरह नकार रहा है।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस शिकायत
इस पूरे मामले को केवल राजनीतिक बयानबाजी और चुनावी भाषणों तक सीमित न रखते हुए, राज्य सरकार ने सख्त कानूनी कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने देश की सुरक्षा के खिलाफ किए जा रहे इस अपराध को बेहद गंभीरता से लिया है।
केंद्र सरकार को दी गई मामले की पूरी जानकारी
असम पुलिस ने पवन खेड़ा और इस विवाद से जुड़े अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ औपचारिक रूप से पुलिस शिकायत दर्ज कर ली है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार को भी इस पूरे घटनाक्रम और विदेशी लिंक से अवगत करा दिया गया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री की पत्नी ने भी पहले ही एक एफआईआर दर्ज कराई थी और मानहानि की कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
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ज्ञात हो कि राज्य के 126 निर्वाचन क्षेत्रों में असम विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होना है। इन वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी। अब देखना यह है कि चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन इस संवेदनशील मामले में आगे क्या ठोस कार्रवाई करते हैं।
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