Anger erupted over the desecration of Baba Saheb’s statue: सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत गोबरांव कलां गांव में शुक्रवार सुबह उस वक्त भारी तनाव की स्थिति निर्मित हो गई, जब असामाजिक तत्वों द्वारा संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को खंडित कर उस पर कालिख पोत दी गई। इस घटना की खबर फैलते ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और उचेहरा-नागौद मार्ग को पूरी तरह बाधित कर दिया। लगभग डेढ़ घंटे तक चले इस चक्काजाम के बाद प्रशासन ने सूझबूझ दिखाते हुए नई प्रतिमा स्थापित करने का आश्वासन दिया, तब जाकर मामला शांत हुआ।
रात के अंधेरे में दिया वारदात को अंजाम
बताया जा रहा है कि गुरुवार शाम तक प्रतिमा सुरक्षित थी, लेकिन शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने देखा कि बाबा साहब की प्रतिमा का एक हाथ टूटा हुआ है और चेहरे पर कालिख पोती गई है। आक्रोशित ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही कुछ असामाजिक तत्वों ने पूर्व में प्रतिमा तोड़ने की धमकी दी थी। ग्रामीणों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और नई प्रतिमा की स्थापना की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रशासन ने चित्रकूट से मंगाई नई प्रतिमा
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम सोमेश द्विवेदी और पुलिस प्रशासन की टीम भारी बल के साथ मौके पर पहुँची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत निर्णय लिया कि खंडित प्रतिमा के स्थान पर प्रशासन के खर्च पर ही नई प्रतिमा लगाई जाएगी। इसके लिए आनन-फानन में चित्रकूट से नई अंबेडकर प्रतिमा मंगवाई गई है।
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
एसडीएम सोमेश द्विवेदी ने बताया कि वर्तमान में गांव में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है। नई प्रतिमा आते ही उसे विधि-विधान और पूजा-पाठ के साथ स्थापित कराया जाएगा। वहीं, पुलिस ने अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों के बयानों और संदेही व्यक्तियों के आधार पर दोषियों की पहचान की जा रही है और उन पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
