सतना: मध्यप्रदेश के सतना जिले से एक बार फिर बड़ी प्रशासनिक लापरवाही और व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला भीषण सड़क हादसा सामने आया है। उचेहरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुरुवार तड़के भटगवां से एक डिलीवरी केस को लेने जा रही तेज रफ्तार एंबुलेंस अचानक अनियंत्रित होकर बरुआ नदी के पुराने पुल से सीधे नीचे जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और उचेहरा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया।
क्रेन से किया गया रेस्क्यू, ब्रेक फेल होने की आशंका
नदी में गिरी एंबुलेंस को निकालने के लिए प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। करीब डेढ़ घंटे तक चले चले इस बचाव अभियान में क्रेन की मदद ली गई, तब जाकर एंबुलेंस को पानी से बाहर निकाला जा सका। इस दर्दनाक हादसे में एंबुलेंस ड्राइवर शुभम परोहा (निवासी बंदरहा) सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को तत्काल उचेहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गनीमत यह रही कि दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि पुराने पुल पर अचानक एंबुलेंस का ब्रेक फेल हो गया था, जिससे वाहन चालक का नियंत्रण खो गया।
टोल वसूली चालू पर सुरक्षा गायब, भड़के लोग
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, इस ‘खूनी पुल’ पर वाहन गिरने की यह लगातार तीसरी बड़ी दुर्घटना है। इससे पहले उचेहरा अस्पताल के डॉ. शशांक सेठिया की कार भी इसी पुल से नदी में गिर गई थी, जिसमें डूबने से उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी। इसके बाद एक बाइक सवार युवक भी यहीं हादसे का शिकार हुआ था। बार-बार हो रहे इन हादसों के बावजूद मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) ने पुल पर न तो सुरक्षा रेलिंग लगवाई और न ही बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि एमपीआरडीसी इस मार्ग पर भारी-भरकम टोल टैक्स तो वसूल रही है, लेकिन जनता की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह लापरवाह है। फिलहाल, पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर मामले की तकनीकी जांच और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।




