Abhishek Banerjee Office Bulldozer: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) के कथित सांसद कार्यालय (MP Office) पर शनिवार को बुलडोजर कार्रवाई की गई। कोलकाता नगर निगम (Kolkata Municipal Corporation-KMC) ने दक्षिण 24 परगना जिले के अमतला इलाके में स्थित इस भवन को अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्रवाई से पहले KMC ने भवन पर नोटिस चस्पा किया था, जिसमें कहा गया था कि निर्माण आवश्यक स्वीकृतियों के बिना किया गया है। इसके बाद सुबह बुलडोजर और निगम की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की।
सुरक्षा के बीच हुई कार्रवाई
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। कार्यालय को तोड़े जाने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और TMC कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। हालांकि, प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखते हुए कार्रवाई पूरी की।
17 संपत्तियों को लेकर भी नोटिस
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, KMC ने अभिषेक बनर्जी, उनके परिवार और उनकी कंपनी लीप्स एंड बाउंड्स (Leaps and Bounds) से जुड़ी बताई जा रही करीब 17 संपत्तियों के संबंध में भी नोटिस जारी किए हैं। इन संपत्तियों में कोलकाता के हरीश मुखर्जी रोड स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास ‘शांतिनिकेतन’ का भी नाम शामिल बताया गया है।
BJP के दावों के बाद बढ़ा विवाद
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हाल ही में 43 संपत्तियों की एक सूची जारी कर दावा किया था कि ये सभी अभिषेक बनर्जी से जुड़ी हैं। भाजपा का कहना था कि यह सूची कोलकाता नगर निगम के संपत्ति रिकॉर्ड के आधार पर तैयार की गई है।हालांकि, TMC ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है।
TMC का जवाब
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद साकेत गोखले (Saket Gokhale) ने भाजपा के आरोपों को भ्रामक बताते हुए कहा कि नगर निगम के रिकॉर्ड में ‘अभिषेक बनर्जी’ नाम के कई व्यक्ति दर्ज हैं। इसलिए केवल नाम के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सूची में शामिल सभी संपत्तियां TMC सांसद की ही हैं।
अभिषेक बनर्जी की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं
समाचार लिखे जाने तक अभिषेक बनर्जी या तृणमूल कांग्रेस की ओर से कथित MP ऑफिस पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब राज्य की राजनीति पहले से ही काफी गर्म है और संपत्तियों को लेकर लगाए जा रहे आरोप-प्रत्यारोप चर्चा का विषय बने हुए हैं।



