सतना जिले के पीएमश्री महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक और राज्य शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र त्रिपाठी ने शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर एक मिसाल पेश करते हुए 25 जरूरतमंद व पितृहीन छात्राओं की फीस भरकर उनकी उच्च शिक्षा और पढ़ाई में बहुत बड़ा व सराहनीय सहयोग दिया है। शिक्षक शैलेंद्र त्रिपाठी का यह कोई पहला नेक काम नहीं है, बल्कि वे पिछले करीब 20 वर्षों से लगातार और निरंतर रूप से ऐसे जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा में आर्थिक मदद पहुंचाते आ रहे हैं।
शिक्षक शैलेंद्र त्रिपाठी का दृढ़ विश्वास और मानना है कि एक शिक्षक का वास्तविक दायित्व केवल विद्यालय की कक्षाओं में जाकर पढ़ाना भर नहीं होता, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन की कठिनाइयों और समस्याओं को गहराई से समझकर जरूरत के वक्त उनका मजबूत संबल बनना भी उसकी उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी है ताकि सिर से पिता का साया उठने या परिवार में आर्थिक संकट आने के बाद किसी भी बेटी की पढ़ाई तंगी के कारण बीच में न रुके।
खास बात यह है कि उनका यह निरंतर मानवीय कार्य पूरी तरह अकेले संभव नहीं हो पाता, बल्कि इसमें उनके करीबी मित्रों और परिवारजनों का भरपूर सहयोग मिलता है। इस प्रेरणादायक पहल के साथ ही उन्होंने समाज के सभी सक्षम और संभ्रांत नागरिकों से भी अपील की है कि वे आगे आएं, अपने आसपास ऐसे गरीब और असहाय बच्चों की पहचान करें और उनकी शिक्षा में अपना योगदान दें, जिससे आर्थिक तंगी किसी भी होनहार बेटी के सुनहरे भविष्य और सपनों की राह में कभी बाधा न बन सके।




