A Silent Challenge During Pregnancy : रीवा में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर जागरूकता कर्यक्रम

A Silent Challenge During Pregnancy

Pregnancy Health Awareness Program in Rewa : रीवा में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर जागरूकता कर्यक्रम-रीवा , 29 मार्च-गर्भावस्था के दौरान होने वाली गंभीर जटिलताओं, विशेष रूप से उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) और समय से पूर्व प्रसव (प्री-टर्म डिलीवरी) को रोकने के उद्देश्य से रेवा ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सोसाइटी ने होटल सेलिब्रेशन में एक महत्वपूर्ण जागरूकता व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में चेन्नई से आईं विशेषज्ञ डॉ. एस. संपत्कुमारी और रेवा की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शीतल पटेल ने अपने अनुभव साझा किए। रामनवमी के अवसर पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम ने भी इस आयोजन की गरिमा को बढ़ाया। रेवा में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित- उच्च रक्तचाप और प्री-टर्म डिलीवरी पर विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी, साथ ही रामनवमी पर सांस्कृतिक आयोजन। डॉ. एस. संपत्कुमारी (चेन्नई) ने अपने व्याख्यान में बताया कि गर्भावस्था में उच्च रक्तचाप माँ और शिशु दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। उन्होंने समय पर पहचान, नियमित जांच और उचित प्रबंधन पर जोर दिया। उनके अनुसार, सही जानकारी और सतर्कता से कई मातृ मृत्यु दर को रोका जा सकता है।

प्री-टर्म डिलीवरी से बचाव के उपाय

Measures to Prevent Preterm Delivery

डॉ. शीतल पटेल (रेवा) ने समय से पहले प्रसव को रोकने के लिए आवश्यक सावधानियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उचित पोषण, नियमित प्रसव पूर्व जांच, और संक्रमण से बचाव जैसे सरल उपायों से प्री-टर्म डिलीवरी के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

रामनवमी के अवसर पर सांस्कृतिक आयोजन

Cultural Event on the Occasion of Ram Navami

वैज्ञानिक सत्र के बाद, सोसाइटी के सभी सदस्यों ने रामनवमी के पावन पर्व पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। चिकित्सकों और स्नातकोत्तर छात्रों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया, जिससे चिकित्सा और संस्कृति का अद्भुत समागम देखने को मिला।

A Silent Challenge During Pregnancy -यह प्रयास गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति एक सराहनीय कदम है।

उपस्थित विशेषज्ञ (Experts Present)

इस अवसर पर गायनेकोलॉजी विभाग की प्रमुख चिकित्सकों सहित कई विशेषज्ञ उपस्थित रहे:-

डॉ. गीता बनर्जी, डॉ. उषा चौरसिया, डॉ. गुलाटी, डॉ. शैलाबाला श्रीवास्तव, डॉ. अनुपम जैन, डॉ. प्राची सागर, डॉ. कल्पना यादव, डॉ. मंजू सिंह, डॉ. शकुंतला पांडेय, डॉ. गुंजन गोस्वामी, डॉ. शैलजा सोनी, डॉ. मधु जैन, डॉ. तान्या, डॉ. वंदना, डॉ. एच. एन. सिंह, डॉ. साहिबा, डॉ. ऋचा, डॉ. अनुशा, डॉ. निशा गुप्ता, तथा अनेक स्नातकोत्तर छात्र। कार्यक्रम की जानकारी सोसाइटी की सचिव डॉ. रेखा सिंघल ने दी।

निष्कर्ष (Conclusion)-रेवा ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सोसाइटी का यह प्रयास गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति एक सराहनीय कदम है। उच्च रक्तचाप और समय से पहले प्रसव जैसी गंभीर समस्याओं पर जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सांस्कृतिक आयोजन ने चिकित्सा क्षेत्र में सामुदायिक भावना को भी मजबूत किया। ऐसे कार्यक्रमों से न सिर्फ चिकित्सकों का ज्ञानवर्धन होता है, बल्कि आम महिलाओं तक सही स्वास्थ्य संदेश पहुँचाने में भी मदद मिलती है।

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