सीधी में दिल दहला देने वाला हादसा: कच्चे मकान में भड़की भीषण आग, तीन मासूम बच्चों की जिंदा जलने से मौत

A massive fire broke out in a house in Sidhi three innocent children died after being burnt alive.

सीधी: मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां जमोड़ी थाना क्षेत्र के काशीहवा गांव में एक कच्चे मकान में अचानक भीषण आग लग जाने से तीन मासूम बच्चों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। शनिवार दोपहर करीब 1 बजे हुए इस दर्दनाक हादसे में आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे घर को अपनी आगोश में ले लिया, जिससे अंदर मौजूद मासूमों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। जब तक स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, तब तक डेढ़ वर्षीय रिधि साकेत, 6 वर्षीय धुम्मू उर्फ संध्या साकेत और 3 वर्षीय एक अन्य बच्चे की सांसें थम चुकी थीं।

शॉर्ट सर्किट की चिंगारी से भड़की आग, बाहर से बंद दरवाजे के कारण अंदर ही फंसे रहे मासूम
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासी पुष्पराज मिश्रा के अनुसार, यह भयानक हादसा घर के ऊपर से गुजर रही बिजली की हाईटेंशन लाइन में हुई जोरदार स्पार्किंग की वजह से हुआ। तारों से निकली चिंगारी सीधे घर के पास रखे बांस और सूखे सामान पर गिरी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा कच्चा मकान लपटों से घिर गया। घटना के समय बच्चों के पिता रामरतन साकेत मजदूरी पर गए हुए थे, जबकि उनकी पत्नी राशन लेने के लिए पास की दुकान पर गई थी। मां घर से बाहर जाते समय सुरक्षा के लिहाज से दरवाजा बाहर से बंद कर गई थी, लेकिन यही बंद दरवाजा मासूमों के लिए काल बन गया और वे आग की लपटों के बीच घर के अंदर ही फंसे रह गए। पीड़ित पिता ने रोते हुए बताया कि उनकी बड़ी बेटी छुट्टियों में नानी के घर गई थी, जबकि दूसरे नंबर की बेटी रिधि जो कक्षा एक में पढ़ती थी, समेत उनके तीन बच्चों ने इस हादसे में अपनी जान गंवा दी।

सूचना के आधे घंटे बाद पहुंची दमकल, कलेक्टर और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा
हादसे की जानकारी मिलते ही जमोड़ी थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए। हालांकि, ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश देखा गया कि सूचना देने के करीब आधे घंटे बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर खाक हो चुका था और बच्चों को नहीं बचाया जा सका। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर विकास मिश्रा भी तुरंत प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर ने पीड़ित साकेत परिवार को ढांढस बंधाते हुए इस दुखद घड़ी में शासन-प्रशासन की ओर से हर संभव आर्थिक और पारिवारिक मदद मुहैया कराने का भरोसा दिया है।

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