सीधी। जिले के मझौली थाना अंतर्गत करमाई गांव के एक सूखे कुएं में कंकाल मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने जब इस कंकाल मामले की जांच की तो उसके पांव तले से जमीन खिसक गई, क्योकि बुजूर्ग की हत्या कोई और नही बल्कि उसके बेटे ने 5 हजार रूपए की सुपारी देकर करवाई थी। पुलिस ने इस अंधी हत्या का अब खुलासा कर दिया है। मृतक की पहचान राजभान अगरिया पिता रामावतार अगरिया, 56 वर्ष, निवासी करमाई पड़ोहर टोला थाना मझौली जिला सीधी के रूप में की गई।
भाई ने लापता होने की पुलिस को दी थी सूचना
पुलिस के अनुसार मृतक राजभान अगरिया के भाई रघुवर ने पुलिस को सूचना दिया था कि 16 मई की रात से उसका भाई लापता हैं। सूचना के आधार पर पुलिस राजभान की तलाश कर रही थी। इसी बीच ग्रामीणों को सूखें कुंए से दुर्गध आई और इसकी सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दिया। करमाई पड़ोहर टोला के जंगल स्थित सूखे कुएं से पुलिस ने मृतक का कंकाल अवस्था में शव निकाला। शव के सिर पर कपड़ा बंधा हुआ था और उसे झाड़ियों से ढंककर छिपाने का प्रयास किया गया था। मृतक की पहचान राजभान अगरिया के रूप में की गई।
पिता की आए दिन डॉट से नाराज पुत्र ने रच डाली उसके मौत की कहानी
पुलिस के अनुसार मृतक का पुत्र कमलभान अगरिया अपने पिता के व्यवहार और आए दिन होने वाले विवादों से परेशान था। इसी कारण उसने अपने परिचित रबी सिंह गोंड को पिता की हत्या के लिए पांच हजार रुपये देने की बात कही थी। सुपारी किलरों ने 16 मई की रात राजभान अगरिया को घर से बाहर बुलाया और डंडों व खूंटे से हमला कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को कंबल में लपेटकर जंगल के सूखे कुएं में न सिर्फ फेंक दिया बल्कि पहचान छिपाने के लिए शव को झाड़ियों से ढंक कर उसमें आग लगा दिए थें।
मोबाईल ने खोला राज
पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि हत्या के बाद आरोपी कमलभान ने आरोपितों को मोबाइल ट्रांजेक्शन के माध्यम से 5 हजार रुपये भेजे थे। जिसके आधार पर पुलिस हत्या के आरोपियों तक पहुच गई और हत्या के आरोप में मृतक पुत्र कमलभान अगरिया, रबी सिंह गौंड समेत 10 लोगो को गिरफ्तार कर लिया है।




