रीवा के संजय गांधी चिकित्सालय (SGMH) के मेडिसिन विभाग में शनिवार को एक अत्यंत हैरान करने वाला और सनसनीखेज चिकित्सकीय लापरवाही का मामला सामने आया है। सीधी जिले से इलाज के लिए आए भर्ती मरीज गिरिजा प्रसाद गुप्ता को पीजी प्रथम वर्ष के छात्रों द्वारा बिना किसी वरिष्ठ आरएमओ की मौजूदगी के केवल ईसीजी के आधार पर मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों ने परिजनों को मृत्यु संबंधी पर्ची थमाने के साथ ही शव भी सौंप दिया।

शव मिलने के बाद परिजन गहरे शोक में डूबे हुए थे और अंतिम संस्कार के लिए शव को घर ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान, लगभग दो घंटे बाद अचानक आकस्मिक विभाग के बाहर रखे गए मरीज के शरीर में हरकत हुई और उसकी सांसें चलती हुई दिखाई दीं। यह नजारा देख परिजनों और वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। बिना देर किए परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन को इसकी सूचना दी, जिसके बाद आनन-फानन में मरीज को दोबारा आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
इस गंभीर और चौंकाने वाली लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. पीके बघेल ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को बुजुर्ग मरीजों के मामले में एक असामान्य स्थिति बताते हुए पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले छात्र व चिकित्सकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम अनुराग तिवारी ने भी एसजीएमएच पहुंचकर अस्पताल प्रबंधन से पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली है।




