अगर अगर आपको यह आपके किसी अपने को तेज खर्राटे आते हैं और दिन भर नींद आती रहती हैं या फिर सुबह उठने पर उनका सिर दर्द रहता है तो इसे सामान्य आदत समझ कर तो बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करें। अपोलो हॉस्पिटल के विशेषज्ञों ने चेतावनी दिए है कि Sleep Apnoea के लगभग 80 से 90% मामले समय पर पहचान में आते ही नहीं है। इससे हृदय दिमाग और शरीर के कई अंगों पर गंभीर असर देखने को मिल सकता है।

आखिर Sleep Apnoea क्या है और क्यों है खतरनाक?
यह एक तरह की ऐसी बीमारी होती है जिसमें सोते समय व्यक्ति की सांस बार-बार को सेकंड के लिए रुक जाती है इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की मात्रा नहीं मिल पाती है और नींद बार-बार टूटने लगती है। कई लोगों को इस समस्या के एहसास भी नहीं होता है क्योंकि ऐसा अक्सर सोने के टाइम ही होता है। लंबे समय तक इलाज नहीं मिलने पर ये बीमारी हेल्थ के लिए खतरा बन सकती है।
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इसपर Apollo Experts ने क्या कहा?
अपोलो हॉस्पिटल के विशेषज्ञों की जानकारी के अनुसार इस बीमारी में करीब 80 से 90% मरीज का सही समय पर कभी भी निधान नहीं हो पाता है। हमारे देश में मुंबई और नवी मुंबई के क्षेत्र में लाखों लोग इस समस्या से प्रभावित है लेकिन अधिकांश लोग इसकी जांच ही नहीं करते हैं। डॉक्टर के मुताबिक जागरूकता की कमी और लक्षणों को सामान्य समझना इसकी सबसे बड़ी वजह हो सकती है इसी कारण अपोलो हॉस्पिटल नवी मुंबई में एक विशेष स्लीप डिसऑर्डर क्लिनिक भी शुरू किया गया है।
आपको किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
अगर आपको तेज खर्राटे आते हैं सोते समय सांस रुक जाती है अचानक हाफ कर उठ जाते हैं सुबह सर दर्द होने लगता है या फिर दिन भर थकान महसूस होती है साथ ही लगातार नींद आती है तो यह सभी Sleep Apnoea नामक बीमारी के संकेत हो सकते हैं। कई बार परिवार के सदस्य ही सबसे पहले नोटिस करते हैं कि सोते समय व्यक्ति की सांस कुछ देर के लिए रख रही है ऐसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर की सलाह जरूरी हो जाती है।
इलाज न कराने पर बढ़ सकता है इन सभी बीमारियों का खतरा
डॉक्टर के मुताबिक अगर इस बीमारी का इलाज समय पर नहीं होता है तो हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, टाइप 2 डायबिटीज अनियमित हार्टबीट और अन्य हेल्थ संबंध हृदय की बीमारी होने का खतरा बढ़ सकता है। लगातार ऑक्सीजन की कमी होने से शरीर कई महत्वपूर्ण अंग भी प्रभावित हो जाते इसलिए इसे केवल खर्राटों की समस्या समझना अच्छा नहीं होता है।
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इसका जांच और उपचार कैसे होता है?
डॉक्टर के अनुसार इस बीमारी की पुष्टि स्लीप स्टडी से की जाती है जांच के बाद मरीज की स्थिति के अनुसार इलाज निर्धारित किया जाता है उपचार में वजन नियंत्रित करना जीवन शैली में कुछ बदलाव लाना ओरल डिवाइस और भी कुछ सर्जरी भी शामिल हो सकती है।




