रीवा में 2 हजार करोड़ से हर घर में पहुचेगा पानी, डिप्टी सीएम ने कहा, सरपंच घरों में साफ पानी देकर पुण्य और यश कमायें

रीवा। हर घर स्वच्छ पानी पहुचाने का संकल्प सरकार ने लिया है और इसके लिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पानी की तरह पैसा बहा रहे है। अकेले रीवा जिले में हर घर में पानी पहुचाने के लिए 2 हजार करोड़ रूपए खर्च किए जा रहे है। यह बाते उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल जल जीवन मिशन की प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कही है। वे रीवा के कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने 10 लाख करोड़ रुपए की जल जीवन मिशन योजना बनाकर गावों तक फिल्टर किया हुआ साफ पानी पहुंचा रहे है।

अब सरपंचों की है बड़ी जिम्मेदारी

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सरपंचों को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए कहा कि प्रत्येक गांव के हर घर तक पानी की नियमित आपूर्ति बनाए रखने की जिम्मेदारी सरपंचों की है। सरपंच अपने अंदर हर घर में नल से जल पहुंचाने की इच्छाशक्ति भर कर लें तो जल जीवन मिशन का उद्देश्य पूरा हो जाएगा। सरपंच हर घर में नल से फिल्टर किया हुआ पानी पहुंचाकर पुण्य और यश दोनों कमायें। उन्होने बताया कि जल जीवन मिशन से केवल रीवा जिले में ही दो हजार करोड़ रुपए के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होने बताया कि शासन ने हाल ही में एसओआर के नए आदेश में ग्राम पंचायतों को 10 हजार रुपए तक के पेयजल संबंधी कार्य बिना किसी अनुमति के कराने के अधिकार दिए हैं। पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक संसाधनों की खरीदी के लिए 15वें वित्त आयोग एवं अन्य मदों से अनुमति दी गई है।

अच्छा पानी मिला तो अस्पताल की कंम होगी भीड़

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि घरों में पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी अब ग्राम पंचायत की है। हर घर में साफ पानी पहुंच गया तो अस्पताल की भीड़ आधी हो जाएगी। जल जीवन मिशन और पीएचई के इंजीनियर ग्राम पंचायतों को पूरा सहयोग करेंगे। अधूरी पाइपलाइनों का निर्माण पूरा कराया जाएगा। लेकिन घरों में पानी की जिम्मेदारी पंचायत को ही लेनी होगी। यदि पंचायतें साफ पानी की नियमित आपूर्ति करेंगी तो उन्हें जल कर वसूल करने में भी कठिनाई नहीं होगी। इसके लिए महिला स्वसहायता समूहों का भी सहयोग लिया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यशाला में समूह नलजल योजना तथा एकल नलजल योजना के संचालन और संधारण के संबंध में दी जा रही जानकारियों को आत्मसात करें।

प्रभारी कलेक्टर ने कहा चुनौती को स्वीकार करें

कार्यशाला में प्रभारी कलेक्टर तथा आयुक्त नगर निगम अक्षत जैन ने कहा कि नलजल योजनाओं की अधोसंरचना का विकास कर दिया गया है। ग्राम पंचायतें इसके संचालन की चुनौती को स्वीकार करें। जल कर की वसूली तथा जल स्त्रोतों में रिचार्ज पिट बनाने पर भी ध्यान दें। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर ने कहा कि नल जल योजना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। ग्राम पंचायतें पूरी जिम्मेदारी के साथ इस योजना को लागू करें। गांव की विकास की कार्ययोजना में पेयजल व्यवस्था संबंधी कार्यों को भी अनिवार्य रूप से शामिल कराएं। कार्यशाला में अधीक्षण यंत्री पीएचई महेन्द्र सिंह, कार्यपालन यंत्री चित्रांशु तथा परियोजना प्रबंधक नीतेश सिंह ने नलजल योजना के संचालन और संधारण के तकनीकी पक्षों तथा कार्यशाला के उद्देश्यों की जानकारी दी।

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