शाजापुर के कालापीपल में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां खरदौनकलां गांव के एक खेत के कुएं से 13 हिरणों और एक आवारा कुत्ते के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि कुत्ते से जान बचाने की कोशिश में हिरणों का झुंड कुएं में गिर गया और बाहर नहीं निकल सका। कुत्ता भी उसी कुएं में गिरने से मर गया।
जानकारी के मुताबिक, खेत मालिक के परिजन रविवार को खेत में कीटनाशक का छिड़काव करने पहुंचे थे। तभी उन्हें कुएं से तेज बदबू आई। जब उन्होंने अंदर झांककर देखा तो कई हिरणों और एक कुत्ते के सड़े-गले शव पड़े थे। इसके बाद गांव के सरपंच को सूचना दी गई और मौके पर पुलिस, वन विभाग और प्रशासन की टीम पहुंची।
वन विभाग की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हिरणों का झुंड किसी आवारा कुत्ते से बचने के लिए तेजी से भाग रहा था। इसी दौरान कुएं की टूटी हुई मुंडेर की तरफ पहुंचने पर सभी हिरण एक-एक कर कुएं में गिर गए। जिस कुत्ते से वे बच रहे थे, वह भी कुएं में गिर गया और उसकी भी मौत हो गई। मृत हिरणों में चार नर और नौ मादा शामिल हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, हिरण वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 में शामिल संरक्षित वन्यजीव हैं। इसलिए नियमानुसार वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी में ही शवों को बाहर निकाला गया। एसडीओ के विभागीय दौरे पर होने की वजह से यह कार्रवाई 6 जुलाई को नायब तहसीलदार की मौजूदगी में की गई। पोस्टमार्टम के बाद सभी शवों का अंतिम संस्कार घटनास्थल के पास ही कर दिया गया।
फिलहाल वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हिरणों की मौत की असली वजह की पुष्टि हो सकेगी। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने इस घटना की जानकारी सार्वजनिक होने से रोकने की कोशिश की।
बता दें कि कालापीपल-शुजालपुर इलाका हिरणों की बड़ी आबादी के लिए जाना जाता है। यहां खेतों और खुले इलाकों में अक्सर हिरणों के झुंड नजर आते हैं। कुछ महीने पहले वन विभाग ने हेलीकॉप्टर की मदद से करीब 800 हिरणों को दूसरे वन क्षेत्रों में भी स्थानांतरित किया था।




