निजी क्षेत्र के ऋणदाता यस बैंक (YES Bank) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। बैंक का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 55 प्रतिशत बढ़कर 951.6 करोड़ रुपये रहा, लेकिन इसके बावजूद सोमवार को बाजार खुलते ही YES Bank share price में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की नजर अब बैंक की लोन ग्रोथ और भविष्य की रणनीति पर टिकी है।
शानदार मुनाफे के बाद भी बाजार में सुस्ती
शेयर बाजार में सोमवार को यस बैंक के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया। सुबह 10 बजे तक बीएसई (BSE) पर बैंक का शेयर 3.11 प्रतिशत टूटकर 22.73 रुपये के निचले स्तर पर आ गया। जबकि पिछले साल इसी तिमाही में बैंक ने 612.30 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। मुनाफे में इतनी बड़ी उछाल के बाद भी शेयर का गिरना निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
ब्याज आय और मार्जिन की स्थिति
बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) में भी सुधार हुआ है। यह पिछले साल के 2,223.5 करोड़ रुपये से 11 प्रतिशत बढ़कर 2,465.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। वहीं, बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM), जो बैंक की लाभप्रदता का एक मुख्य पैमाना है, 2.4 प्रतिशत से सुधरकर 2.6 प्रतिशत हो गया है। जानकारों का मानना है कि ऑपरेशंस के स्तर पर बैंक धीरे-धीरे मजबूती की ओर बढ़ रहा है।

लोन ग्रोथ और एसेट क्वालिटी पर चिंता
ICICI Securities के विश्लेषण के मुताबिक, बैंक की लोन ग्रोथ फिलहाल 5 प्रतिशत की दर पर है, जिसे काफी धीमा माना जा रहा है। हालांकि, CASA (करंट अकाउंट सेविंग्स अकाउंट) ग्रोथ के मामले में बैंक का प्रदर्शन बेहतर रहा है। रिटेल स्लिपेज (नए डूबने वाले कर्ज) में मामूली कमी आई है, लेकिन 3.4 प्रतिशत का मौजूदा स्तर अब भी चिंता का विषय बना हुआ है।
ब्रोकरेज हाउस की राय और नया टारगेट
दिग्गज ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने यस बैंक के स्टॉक पर अपनी ‘HOLD’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, उन्होंने बैंक के प्रति थोड़ा सकारात्मक रुख दिखाते हुए इसके टारगेट प्राइस को 22 रुपये से बढ़ाकर 24 रुपये कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) अब 1 प्रतिशत के करीब पहुंच रहा है, जो एक अच्छा संकेत है।
रिकवरी और प्रोविजनिंग का गणित
तीसरी तिमाही में यस बैंक को पुराने फंसे हुए कर्जों (SR Redemptions) से 550 करोड़ रुपये की रिकवरी हुई है। इस बड़ी रिकवरी की वजह से बैंक की क्रेडिट कॉस्ट काफी कम रही और मुनाफे को सहारा मिला। ग्रॉस स्लिपेज भी पिछले आठ तिमाहियों के निचले स्तर (1.6%) पर आ गए हैं, जिससे बैलेंस शीट साफ होती दिख रही है।

निवेशकों के लिए जोखिम और संभावनाएं
ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार, यस बैंक के लिए सबसे बड़ा जोखिम भविष्य में कर्ज अदायगी में होने वाली देरी (Delinquencies) हो सकती है। वहीं, अगर बैंक पुराने एनपीए (NPA) और पोर्टफोलियो से अच्छी रिकवरी जारी रखता है, तो स्टॉक में लंबी अवधि में तेजी की संभावना बनी रहेगी। वर्तमान में बैंक का ध्यान अपनी लोन बुक को और अधिक डाइवर्सिफाई करने पर है।
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