सीधी में पेट्रोल डालकर जलाई गई महिला की SGMH रीवा में मौत, ससुरालवालों पर सख्त कार्रवाई की मांग

Woman set on fire after being doused with petrol in Sidhi dies at SGMH Rewa

मध्य प्रदेश के सीधी जिले के मड़वास थाना क्षेत्र अंतर्गत महखोर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पति द्वारा कथित तौर पर अवैध कारोबार के विवाद के चलते पेट्रोल डालकर जिंदा जलाई गई विवाहिता रोशनी गुप्ता जिंदगी की जंग हार गई। गंभीर रूप से 90 प्रतिशत तक झुलसी रोशनी ने रीवा के संजय गांधी अस्पताल में इलाज के दौरान दरमियानी रात करीब 1 से 2 बजे के बीच दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद मायके पक्ष में गहरा शोक और भारी आक्रोश व्याप्त है।

चार महीने बाद बच्चे की खातिर लौटी थी ससुराल
परिजनों के अनुसार, मृतका रोशनी गुप्ता ने अपने बयानों में ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप था कि उसका पति रामजी गुप्ता, सास केशकली गुप्ता, ससुर और जेठ शराब तथा डीजल-पेट्रोल के कथित अवैध कारोबार को लेकर आए दिन विवाद करते थे और कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए रोशनी से लाखों रुपये की मांग कर उसके साथ मारपीट करते थे। इस लगातार प्रताड़ना से तंग आकर रोशनी अपने बच्चे को ससुराल में ही छोड़कर मायके चली गई थी। हालांकि, करीब चार महीने बाद जब सास द्वारा बच्चे को खाना न देने और भूखा रखने की धमकी दी गई, तो अपने कलेजे के टुकड़े की चिंता में रोशनी अपनी दादी के निधन के बावजूद महखोर स्थित अपनी ससुराल वापस लौट आई थी।

ससुराल लौटने की रात ही दिया गया घटना को अंजाम
परिजनों के मुताबिक, ससुराल लौटने की उसी रात घर में फिर से विवाद हुआ और आरोप है कि ससुराल पक्ष के अन्य लोगों ने पति रामजी गुप्ता को उकसाया, जिसके बाद उसने रोशनी के ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर बीच-बचाव किया और आग बुझाई। इसके बाद उसे मड़वास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर सीधी जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहाँ हालत बेहद गंभीर और 90 प्रतिशत तक झुलसे होने के कारण डॉक्टरों ने उसे रीवा के संजय गांधी अस्पताल रेफर कर दिया था, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

तहसीलदार और डीएसपी के सामने दर्ज हुआ था बयान
हादसे के बाद सीधी जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान रोशनी गुप्ता ने तहसीलदार और सीधी के डीएसपी के समक्ष अपनी आपबीती बयान दर्ज कराई थी। इसके अलावा, परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि रीवा के अस्पताल में इलाज के दौरान सास केशकली गुप्ता द्वारा बयान बदलने का दबाव बनाया गया और इलाज बंद करवाने की धमकी दी गई, हालांकि परिजनों के हस्तक्षेप के बाद उपचार पुनः शुरू हुआ। मायके पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष के कुछ सदस्य पूर्व में हत्या के मामले में सजा काट चुके हैं।

आरोपी पति पहले से जेल में, अब पूरे परिवार पर कार्रवाई की मांग
मड़वास थाना पुलिस ने इस मामले में पहले ही आरोपी पति रामजी गुप्ता के खिलाफ हत्या के प्रयास की धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया था, किंतु अब पीड़िता की मौत हो जाने के बाद कानूनी धाराओं में बदलाव और आगे की कार्रवाई अहम हो गई है। रोशनी की मौत के बाद मायके पक्ष ने पति के अलावा सास, ससुर और जेठ पर भी संलिप्तता का आरोप लगाते हुए पूरे ससुराल परिवार के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि दोषियों को सख्त सजा मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *