मध्य प्रदेश के मैहर जिले में सोमवार-मंगलवार की देर रात एक जंगली हाथी के हमले से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। कॉलर आईडी लगे इस जंगली हाथी ने पुरैना पंचायत के सिंगपुर मौहारी गांव में अपने मवेशी (बैल) को बचाने निकले 50 वर्षीय किसान कंछेदी यादव पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस दौरान हाथी के गुस्से और तोड़फोड़ की चपेट में आने से दो बकरियों की भी दबकर जान चली गई, साथ ही करीब दो कच्चे-पक्के मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
बांधवगढ़ नेशनल पार्क से मैहर पहुंचा है हाथी
वन विभाग के अनुसार, यह जंगली हाथी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) से भटककर मैहर क्षेत्र में पहुंचा है। पुरैना पंचायत के खजुरी बीट के कक्ष क्रमांक आरए-637 में इसकी मौजूदगी दर्ज की गई है। डीएफओ विद्याभूषण मिश्रा ने जानकारी दी कि हाथी के शरीर पर कॉलर आईडी (ट्रैकिंग डिवाइस) लगी हुई है, जिसकी मदद से वन विभाग की विशेष टीमें उसकी लाइव लोकेशन और मूवमेंट पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
मार्च महीने से अब तक चार बार आ चुका है क्षेत्र में
वन विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक, इस हाथी का मैहर इलाके में आना कोई पहली बार नहीं है। मार्च महीने से लेकर अब तक यह जंगली हाथी अमरपाटन, मुकुंदपुर और मैहर क्षेत्र में कुल चार बार दाखिल हो चुका है। लगातार आबादी के नजदीक पहुंचने और इस तरह के घातक हमलों की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने सभी संवेदनशील इलाकों में गश्त और निगरानी काफी बढ़ा दी है।
इन गांवों में हाई अलर्ट, ग्रामीणों के लिए सख्त चेतावनी
वन विभाग के मुताबिक वर्तमान में हाथी की लोकेशन देवराजनगर के आसपास बनी हुई है। इसके अलावा यह हाथी बगदरी, गिधैला, गोरसारी, देवरा मोलहाई, किरहाई, मनकहरी, बाराखुर्द और पठरा समेत आसपास के कई गांवों व जंगलों से गुजर सकता है। इसे देखते हुए रामनगर और अमरपाटन जनपद के तमाम गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
वन विभाग की अपील- वीडियो बनाने के चक्कर में न जाएं पास
प्रशासन और वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सुरक्षा को सर्वोपरि रखें। विभाग ने सख्त चेतावनी दी है कि हाथी की मौजूदगी के दौरान सोशल मीडिया के लिए फोटो, वीडियो या रील बनाने के वास्ते उसके करीब बिल्कुल न जाएं, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है। साथ ही, ग्रामीणों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे बेवजह जंगल या संभावित मूवमेंट वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और हाथी के दिखने पर तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दें।




