एसआईआर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानि की एसआईआर और चुनाव आयोग के आंतरिक कामकाज को लेकर हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट सामने आई है। जिसको लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई। सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के स्तीफें की मांग किए है, तो कांग्रेस पार्टी के नेता एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस पर सवाल उठाए है।
आंतरिक मतभेद
देश भर में चुनाव आयुक्त के कार्यो को लेकर हो रही चर्चा मामले की शुरूआत एक मीडिया रिर्पोट से हुई है। जिसमें दावा किया गया है कि निर्वाचन आयोग के तीन सदस्यों में से दो चुनाव आयुक्तों (सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा लिए गए कई फैसलों पर कम से कम 14 मौकों पर लिखित आपत्ति जताई थी।
एसआईआर और फॉर्म-6 में बदलाव
आयुक्तों ने आरोप लगाया कि बिना कानूनी प्रक्रिया या आम सहमति के फॉर्म-6 (नया मतदाता पंजीकरण) और विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए।
मतदाता सूची से नाम हटाना
रिपोर्ट में दावा किया गया कि पिछले कुछ महीनों में करोड़ों मतदाताओं के नाम सूची से हटाने की प्रक्रिया के दौरान आंतरिक असहमतियों को नजरअंदाज किया गया।
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
निर्वाचन आयोग ने इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह रिपोर्ट आयोग के भीतर के केवल कुछ अलग-अलग विचारों और विचार-विमर्श के एक पक्ष को पेश करती है, न कि किसी आधिकारिक विरोध को।




