रीवा। जिले के जवा थाना क्षेत्र अंतर्गत मवेशी तस्करी और पशु क्रूरता को लेकर ग्रामीणों के आक्रोश का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक पिकअप वाहन में क्रूरतापूर्वक भैंसों को लादकर उत्तर प्रदेश के शंकरगढ़ की ओर ले जाया जा रहा था। जैसे ही इस बात की भनक कोठरा खुर्द गांव के स्थानीय निवासियों को लगी, उन्होंने घेराबंदी करके संदिग्ध वाहन को बीच रास्ते में ही रोक लिया। वाहन के अंदर मवेशियों की दयनीय और दर्दनाक स्थिति को देखकर ग्रामीण इस कदर भड़क गए कि उन्होंने कानून अपने हाथ में ले लिया और वाहन में सवार तीनों आरोपियों को पकड़कर मौके पर ही एक पेड़ से बांध दिया।
मौके पर पहुंची पुलिस, बंधक बने आरोपियों को कराया छुड़ाया
घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा होने और हंगामे की स्थिति निर्मित होने के बाद मामले की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही सोहागी थाना पुलिस और स्थानीय चौकी प्रभारी अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सबसे पहले ग्रामीणों के चंगुल से तीनों युवकों को बंधन मुक्त कराया। इसके बाद माहौल को शांत कराते हुए पुलिस टीम तीनों आरोपियों और मवेशियों से लदे पिकअप वाहन को सुरक्षात्मक ढंग से पूछताछ और आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए थाने ले आई।
पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज, चोरी की आशंका की भी जांच शुरू
थाने लाकर जब पुलिस ने पकड़े गए युवकों से कड़ाई से पूछताछ की और मवेशी परिवहन से जुड़े कागजात मांगे, तो आरोपी कोई भी वैध दस्तावेज या अनुमति पत्र पेश नहीं कर सके। बिना किसी वैध रसीद या दस्तावेज के इतनी बेरहमी से मवेशियों को ले जाए जाने की पुष्टि होने पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ ‘पशु क्रूरता निवारण अधिनियम’ के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर मवेशियों के चोरी के होने की भी प्रबल आशंका जताई जा रही है; इस बिंदु पर भी गहनता से जांच की जा रही है और पुष्टि होते ही मामले में अन्य सख्त कानूनी धाराएं जोड़ी जाएंगी।




